
चंबा। एनएचपीसी की पन विद्युत परियोजनाओं की भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर एनएचपीसी प्रबंधन हरकत में आ गया है। जिले में एनएचपीसी की परियोजनाओं के अधिकारियों ने हड़कंप मचा है। पहले तो इन प्रोजैक्टों के अधिकारी अपनी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण पर हकरत में नहीं आए। अब उन पर तलवार लटकी तो उन्होंने आनन-फानन में बिना कानूनी औपचारिकता के ही अवैध कब्जों पर जेसीबी चलानी शुरू कर दी। निगम के आला अधिकारियों ने इसकी शिकायत पर जवाब तलबी शुरू की है तो जिले की निगम से जुड़ी सभी परियोजनाओं के प्रबंधक अपने यहां हुए अवैध कब्जे से छुटकारा पाने में जुटे हैं। एनएचपीसी के बैरास्यूल पावर प्रोजैक्ट की कलोनी के समीप स्थानीय लोगों की ओर से बनाई गई आधा दर्जन दुकानों को बिना कानूनी कार्रवाई के जेसीबी चलाकर तोड़ दिया है। लोगों और एनएचपीसी प्रबंधन में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। दुकानदार तिलक भारद्वाज, हरीश कुमार, पान चंद, सुभाष कुमार और राज कुमार ने उपायुक्त को बताया कि परियोजना प्रबंधन ने अचानक पैमाइश करवाकर उन्हें बताया कि दुकानें प्रोजैक्ट की भूमि पर बनाई गई हैं। एक दिन का समय मांगा था। मंगलवार को शाम पांच बजे छह दुकानों को तोड़ दिया गया।
एनएचपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक शरत चंद्र ने बताया कि सरकार ने एनएचपीसी के स्टेट आफिसर को मजिस्ट्रेट पावर दी है। वह अवैध निर्माण का गिरवा सकता है।
वहीं प्रभावित दुकानदारों ने उपायुक्त संदीप कदम से मिल कर मांग की है कि इस मामले की उचित जांच की जाए। उपायुक्त ने कहा कि वह मामले की छानबीन करवा रहे हैं।
बाकी जगह भी गिराए जाएंगे अवैध निर्माण
शरत चंद्र ने बताया कि निगम ने सभी प्रोजैक्टोें को अपने यहां अवैध निर्माण को लेकर जवाब-तलबी की है। सभी प्रोजैक्टों को अवैध निर्माण का पता लगाकर इसे हटाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई एक रिपोर्ट के आधार पर हो रही है। कई जगह अवैध निर्माण किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन्हें हटाया जाएगा।
