अस्पताल में देर रात तक चला हो हल्ला

चंबा। पल्यूर में बिजली के कहर से सहमे ग्रामीणों का गुस्सा जिला अस्पताल प्रशासन पर भी फूटा। शनिवार रात को जब करंट के शिकार लोगों को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया तो इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मौके पर उपलब्ध नहीं था। उस दौरान डाक्टर करीब दस मिनट तक नहीं उपलब्ध हो पाए, इससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने अस्पताल की कुर्सियों को लातें मारना शुरू कर दी और हो हल्ला किया। तभी डाक्टर के आने पर घायलों का इलाज शुरू किया गया और बाकी डाक्टरों की टीम को भी बुला लिया गया। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी भी रात को 11 बजे के करीब अस्पताल में पहुंच गए। उनके आने से पहले पुलिस की टीम भी स्थिति को संभालने अस्पताल में तैनात हो गई थी। ग्रामीणों ने वन मंत्री को घेर कर दिक्कतों से अवगत करवाया। ग्रामीणों में इस बात की टीस थी कि अगर घायलों को अस्पताल पहुंचाते ही इलाज शुरू हो गया होता तो शायद चार मौतें न होतीं। उधर, जब वन मंत्री डाक्टरों की टीम को उत्साहित कर रहे थे, तो उनकी बात सुन कर ग्रामीण बीच में तंज कसते देखे गए। यहां तक कि उन्होंने मीडिया तक को नहीं छोड़ा।

छह पहुंची घायलों की संख्या, सभी खतरे से बाहर
करंट की चपेट में आकर घायल होने वालों की संख्या छह पहुंच गई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एमएस डा. विनोद शर्मा ने बताया कि मान सिंह पुत्र अमरो राम उम्र 40 वर्ष, चिंता कुमारी पत्नी योग राज उम्र 35, मीना देवी पुत्री पवन कुमार उम्र 20 साल, निम्मो देवी उम्र 40 साल, संजीव कुमार पुत्र अमर सिंह उम्र 31 साल और तिलक राज पुत्र रत्ती चंद उम्र 32 निवासी पल्यूर का इलाज अस्पताल में चल रहा है। अब घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। रात को अफरा-तफरी के माहौल में ग्रामीण नौ लोगों को जिला अस्पताल में ले आए थे, मगर एक घायल बेहोशी की हालत में घर पर ही पड़ा रहा। उसका पता रात को 11 बजे के करीब चला। संजीव कुमार पत्र अमर सिंह को रात को 12 बजे के करीब अस्पताल पहुंचाया गया।

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