सैकड़ों लोगों को एक सप्ताह से पानी नहीं

कुल्लू। सैंज की दुर्गम पंचायत शैंशर के तीन स्कूलों में पानी की आपूर्ति ठप होने से मिड डे मील का भोजन बनाना मुश्किल हो गया है। पानी की सप्लाई बंद होने से शैंशर पंचायत के प्राइमरी स्कूल शैंशर, मिडिल स्कूल तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूल शैंशर के सैकड़ों बच्चों के हलक सूख गए हैं। इन तीनों पाठशालाओं में पांच सौ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। समस्या यहीं खत्म नहीं होती है, स्कूलों के साथ शैंशर पंचायत के चनाहिड़ी, सनोगी, छतरादला तथा खंजरी गांव के 80 परिवारों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एक हफ्ते से पानी की सप्लाई ठप होने से कड़ाके की ठंड में लोगों को मीलों दूर नदी-नालों से पानी ढोना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत प्राइमरी स्कूल शैंशर तथा मिडिल स्कूल शैंशर में है। इन स्कूलों मिड डे मील के तहत दोपहर का भोजन बनाना मुश्किल हो गया है।
मिड डे मील का खाना बनाने वाले कर्मचारियों को दो किलोमीटर दूर पटाहरा तथा खाइन से पानी ढोना पड़ रहा है। स्कूलों और गांवों को पानी न मिलने का कारण लोग 100 मेगावाट सैंज परियोजना की टनल के चल रहे कार्य को बता रहे हैं। बजाहरा पेयजल स्रोत से स्कूलों और गांव के लिए जोड़ी गई पेयजल योजना के साथ से ही एचपीसीएल टनल का निर्माण कर रही है। लोगों का कहना है कि इस कारण जलस्रोत सूख गया है। प्राइमरी स्कूल शैंशर के सीएचटी किशोरी लाल तथा स्थानीय निवासी महेंद्र ठाकुर ने कहा कि स्कूल में एक हफ्ते से पानी नहीं आ रहा। इस कारण दोपहर का भोजन बनाना मुश्किल हो गया है। पानी सूख जाने की घटना के बाद सैंज परियोजना के प्रोजेक्ट अधिकारी स्कूल आए थे और समस्या का निदान करने की बात कह कही थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वहीं शैंशर पंचायत के चनाहिड़ी, सनोगी, छतरादला तथा खंजरी गांव के 80 परिवारों को भी पानी नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने इसके लिए सैंज परियोजना को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही समस्या का समाधान जल्द करने की मांग की है।
जल्द होगा समस्या का समाधान
हिमाचल प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक रमेश चौधरी ने कहा कि पानी की समस्या उनके ध्यान में है। शैंशर पंचायत प्रधान ने इस बारे में उन्हें अवगत करवाया है। परियोजना प्रबंधन समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाएगी। स्कूलों और गांवों को पानी कैसे पहुंचाना है, इस पर काम चल रहा है।

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