सीटू ने अब सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

शिमला। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर श्रम कानून के उल्लंघन होने के मामलों के प्रति उदासीन बने होने का आरोप लगाया है। सीटू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तीसरे दिन छोटा शिमला स्थित विशाल मेगामार्ट के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। सीटू के राज्य सचिव मंडल सदस्य विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि सचिवालय की नाक तले श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मेगामार्ट प्रबंधन मजदूराें को बेवजह नौकरी से निकाल रहा है।
यूनियन ने प्रबंधन को चेताया कि अगर मजदूरों की मांगों को तुरंत नहीं माना गया तो फिर आंदोलन को उग्र कर दिया जाएगा। मेहरा ने कहा कि बीते तीन दिन से प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन सचिवालय में बैठे अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। दफ्तरों में बैठ कर श्रम कानून की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले आला अधिकारी रोजाना यहां से गुजरते हैं। सचिवालय तक नारों की गूंज पहुंचती है। इसके बावजूद मजदूरों की हितों की पैरवी करने में अफसर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा मेगामार्ट में कामगारों को न्यूनतम वेतन, ईएसआई, डबल ओवरटाइम, छुट्टियों का प्रावधान नहीं किया जा रहा है। आवाज उठाने पर दो कामगारों को जबरन नौकरी से निकाल दिया गया है। जिसके विरोध में सीटू लामबंद है।
विरोध प्रदर्शन में होटल यूनियन अध्यक्ष किशोरी ढटवालिया, महासचिव बालकराम, विनोद विरसांटा, प्रेम चंदेल, चंद्रकांत वर्मा, प्रेम कायथ, बाबू राम, गिरीश, मुनीष शर्मा, मेगामार्ट यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष रमेश, महासचिव भूप सिंह भारद्वाज, संयुक्त सचिव सतीश कुमार, कोषाध्यक्ष राकेश चंद, सदस्य देवेंद्र कुमार और नरेश कुमार सहित कई अन्य मौजूद रहे।

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