विद्युत परिषद को खत्म करने की साजिश

मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद को ठेकेदारी प्रथा घुन की तरह खाए जा रही है। हिप्र विद्युत परिषद के जेई एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष आरडी अग्निहोत्री ने वीरवार को मैहतपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बोर्ड का अस्तित्व खत्म करने की साजिश रची जा रही है। इसे खोखला बनाने के हर मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं। मौजूदा सरकार के प्रयासों से हाल ही में आए 750 करोड़ के पैकेज से विद्युत परिषद को थोड़ी सी आक्सीजन मिली है, अन्यथा यह कब की दम तोड़ गई होती। प्रदेश भर में विभागीय कर्मियों की दिन-ब-दिन घट रही तादाद पर चिंता जताते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली के लिए कम से कम 45 हजार कर्मियों की जरूरत है। जबकि इस वक्त 22 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। एक सवाल पर अग्निहोत्री ने कहा कि विद्युत बोर्ड को जिन लोगों ने अपने खून पसीने से सींचा है, आज वही लोग अपने ही डिपार्टमेंट में पराये होते जा रहे हैं। उन्होंने जेई एसोसिएशन की ओर से प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि विद्युत परिषद को प्राइवेट लिमिटेड फर्म बनने से रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।

Related posts