लाडा में शामिल हो रामपुर शहर

रामपुर बुशहर। मुख्य शहर रामपुर को लोकल एरिया डेवलपमेंट प्लान (लाडा) में शामिल किए जाने की मांग उठने लगी है। नगर परिषद के नुमाइंदों का कहना है कि एसजेवीएन के रामपुर प्रोजेक्ट से शहर को भी नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके शहर को लाडा में शामिल नहीं किया गया। जब प्रोजेक्ट प्रभावित क्षेत्रों में दूर-दूर की पंचायतें शामिल की गई हैं, तो रामपुर को क्यों दूर रखा गया है? जनप्रतिनिधि इस मसले को रामपुर प्रवास के समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी उठाएंगे।
नगर परिषद के अध्यक्ष दीपक सूद, उपाध्यक्ष हरीश लक्टू, पार्षद कांता गुप्ता, राजेश गुप्ता, सीमा गुप्ता और चंद्रमोहन रोल्टा ने कहा कि प्रोजेक्ट की मुख्य टनल बनाने को कशोली में एडिट टनल बनाई गई। रामपुर शहर के ठीक सामने बनी इस टनल को खोदते समय हुई ब्लास्टिंग से शहर को भी खासा नुकसान पहुंचा है। ब्लास्टिंग से कई घरों में दरारें आई हैं, तो वहीं इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। हैरानी की बात है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद प्रबंधन ने शहर को लाडा से बाहर रखा। जबकि, निरमंड के कई ऐसे क्षेत्र लाडा में शामिल हैं जो कि टनल से काफी दूरी पर हैं। उन्होंने मांग कि प्रोजेक्ट निर्माण से पड़े प्रतिकूल असर को देखते हुए प्रबंधन इस शहर को लाडा की सूची में शामिल करे, जिससे लाडा के फंड को शहर के विकास में लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस मसले को रामपुर प्रवास के समय मुख्यमंत्री से भी उठाएंगे। मुख्यमंत्री को टनल से पड़े विपरीत असर से अवगत कराया जाएगा और मांग करेंगे कि प्रबंधन को इस संबंध में उचित दिशानिर्देश दें।

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