रोहतांग लांघने वालों को मिलेगा सम्मान

केलांग। बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रा को पैदल पार करना जितना रोमांच से भरा है उतना ही खतरनाक भी। 20 मार्च को मढ़ी और कोसकर में रेस्क्यू चौकियां स्थापित होने के बाद रोहतांग दर्रा होकर लोगों की आवाजाही ने जोर पकड़ लिया है। इस बार रोहतांग दर्रा को सबसे पहले लांघने वाले घाटी के दो युवकों राहुल और राकेश को जिला प्रशासन प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगा। लाहौल स्पीति के डीसी वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि रोहतांग दर्रा को पैदल लांघने वाले कई और यात्रियों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान केवल उन्हीं यात्रियों को मिलेगा जो 15 अप्रैल से पहले रोहतांग दर्रा पार करेंगे। इसमें सबसे उम्र दराज और सबसे कम उम्र के पैदल राहगीर पुरस्कृत होंगे।
यह पहली बार हो रहा है कि लाहौल-स्पीति प्रशासन रोहतांग दर्रा पैदल पार करने वालों को सम्मानित करने जा रहा है। डीसी ने बताया कि इस तरह शारीरिक तौर पर फिट कई और यात्रियों को हेलीकाप्टर का इंतजार करने के बजाए पैदल रोहतांग दर्रा पार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यात्रियों को 15 अप्रैल के दिन जिला मुख्यालय केलांग में सम्मानित किया जाएगा। घाटी के दो युवक राहुल और राकेश के इस जज्बे को भी प्रशासन सम्मान देगा। इन दोनों ने रेस्क्यू पोस्ट स्थापित होने के बाद पहले ही दिन रोहतांग दर्रा पार किया था। लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष वीर सिंह और जिप सदस्य रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि इससे रोहतांग दर्रा पैदल पार करने वाले यात्रियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

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