मंडी जिले में यूरिया खाद का संकट

उरला (मंडी)। सूबे में देरी से हुई बारिश के कारण किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश के बाद अब किसानों के लिए खाद का संकट गहरा गया है। मंडी जिले में हिमफेड के विभिन्न गोदामों में यूरिया खाद न मिलने के कारण किसान दूर-दूर की सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं भी खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। ऐसे में खाद मिलने से किसान खासे मायूस हैं। किसानों के अनुसार इस बार लंबे समय तक सूखा रहने से गेहूं की बिजाई काफी देरी से हुई है। अब लंबे समय बाद हुई बारिश से पैदावार में थोड़ी जान आई है। इसे खाद की विशेष जरूरत है, लेकिन समय पर खाद उपलब्ध नहीं होती है तो फिर से निराशा हाथ लग सकती है।
जिले के किसानों में भांबला के सुभाष चंद, मनीष कुमार, हल्कू राम, धर्मपुर के सोहन सिंह, रोशन लाल, काहन सिंह, चैलचौक के राम दास, भूप सिंह, परस राम, जोगिंद्रनगर के बेली राम, नाग सिंह, काली दास, पधर के जगदीश चंद, मोहन लाल, लक्षमण, लाल चंद, ओम प्रकाश, पूर्ण चंद, काहन सिंह, उधम सिंह, भाटकू राम, भादर सिंह, प्रताप चंद, प्रकाश चंद, लाल सिंह, सोहन सिंह, गुरदयाल सिंह, चमन लाल, सुरेश कुमार, देवी सिंह, नंद लाल, नेक राम, काहन सिंह, निर्मल सिंह, राम सिंह, हरदेव सिंह तथा देवी सिंह सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि गेहूं की पैदावार के लिए इस समय यूरिया की विशेष जरूरत है। अगर खाद समय पर उपलब्ध नहीं होती है तो फिर से पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा हो गया है। मंडी जिले के बल्ह क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में किसान बिजाई कार्य के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर हैं। ऐसे में जिले की लगभग 71, 530 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई इस बार समय पर बारिश न होने के कारण देरी से हुई है। इस कारण गेहूं के लिए अब रासायनिक उर्वरक की जरूरत है।
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जिला हिमफेड की एरिया मैनेजर सरला गुप्ता का कहना है समय पर बारिश न होने के कारण इस बार खाद की डिमांड कम भेजी गई थी। अब बारिश होते ही खाद की डिमांड किसान कर रहे हैं। महकमे ने जिले के सभी गोदामों की मांग के अनुसार सप्लाई आर्डर दिया है। दो तीन दिन के भीतर सभी गोदामों में खेप पहुंच जाएगी।

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