भेदभाव के विरोध में दलित महापंचायत आज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार डॉक्टर अंबेडकर परिनिर्वाण भूमि को राजघाट जैसा दर्जा देने से मुकर गई है। यह प्रधानमंत्री की वादाखिलाफी है। यह बातें डॉक्टर अंबेडकर परिनिर्वाण भूमि सम्मान कार्यक्रम समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश गजभिये, राष्ट्रीय सलाहकार डॉक्टर उदित राज और संयोजक टीएम कुमार ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता में कहीं।
गजभिये ने कहा कि सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र जाधव कमेटी की रिपोर्ट दलित विरोधी है। केंद्र सरकार के भेदभाव के खिलाफ छह दिसंबर को राष्ट्रीय दलित महापंचायत होगी। डॉक्टर उदितराज ने कहा कि परिनिर्वाण भूमि के इस मकान में रहते हुए बाबा अंबेडकर ने भारतीय संविधान और बुद्धा एंड हिज धम्मा ग्रंथ लिखा था। साथ ही देश व दलितों को सम्मान दिलाने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी थी। यह पवित्र भूमि करोड़ों दलितों व देशवासियों के लिए आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है, लेकिन यूपीए सरकार इसकी उपेक्षा कर रही है।

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