प्रैक्टिकल आफ इलेक्ट्रोहोम्योपैथी का अध्ययन

चंबा। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा पद्धति पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के चौथे दिन देश भर से आए चिकित्सकों ने प्रैक्टिकल आफ इलेक्ट्रोहोम्योपैथी का अध्ययन किया। इसके अलावा निदान, डोसोलाजी और पल्स रीडिंग जैसे विषयों पर गहनता से अध्ययन किया। कार्यशाला में पंजाब से आए आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ एवं अनुसंधानकर्ता डा. प्रभजोत सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में अभी भी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। मौजूदा समय में प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एक ऐसा चिकित्सा विज्ञान है जो मनुष्य के शरीर को आरोग्यता प्रदान करता है। कार्यशाला में गुजरात से डा. बीके सिंह, कमलेश पटेल, उत्तराखंड से डा. फयाज अहमद, डा. कमलजीत कौर, राजस्थान से डा. किशन रक्षावत, राम लाल, केरल से सिस्टर मैरी, उतर प्रदेश से डा. जयसवीर, डा. विपन शुक्लस, पंजाब से डा. रणधीर कपूर, जगतार सिंह सेखो, डा. देवेंद सिंह, दिल्ली से डा. सरिता, डा. संजय कुलश्रेष्ठ, बिहार से डा. प्यारे लाल, महाराष्ट्र से आरसी प्रजापति और उतर प्रदेश से संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।

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