निजी कंपनी बनाएगी हिमाचल विवि का रिजल्ट

प्रदेश विवि का रिजल्ट निजी कंपनी बनाएगी। पेपर चैकिंग का काम भी कंपनी करेगी। विवि की परीक्षा शाखा का आउटसोर्स होने जा रहा है। विवि प्रशासन केवल पेपर सैट करेगा। प्रशासन का तर्क है कि इससे रिजल्ट जल्द बनेगा। सीक्रेसी भी बनी रहेगी।

दावा है कि परीक्षा के 15 से 30 दिन के भीतर रिजल्ट आ जाएगा। प्रशासन टेंडर सहित दूसरी औपचारिकताओं पर काम कर रहा है। इधर, अंदरखाने छात्र संगठन इससे भड़कने लगे हैं। सवाल किया जा रहा है कि निजी कंपनी सीक्रेसी बनाए रखेगी। वर्तमान में यह काम विवि कर रहा है। बावजूद इसके गड़बड़झाले हो रहे हैं। जब रिजल्ट निजी कंपनी तैयार करेगी तो क्या सीक्रेसी विश्वसनीय रहेगी या नहीं? यह बड़ा प्रश्न सामने आ रहा है।

छात्र संगठन और एससीए पहले से ही इसका विरोध कर रहे हैं। आरोप हैं कि निजी कंपनी के हाथों में रिजल्ट का काम जाने से गोपनीयता पर सवालिया निशान लगेंगे। एससीए अध्यक्ष राहुल चौहान का आरोप है कि निजी हाथों में परीक्षा विंग का काम जाने से सीक्रेसी पर प्रश्न चिन्ह लगेगा। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दूसरी तरफ प्रशासन का दावा है कि पेपर सैट करने से लेकर परीक्षाएं करवाने का काम विवि खुद करेगा। पेपर चैक करने और रिजल्ट तैयार करने का काम ही निजी हाथों में सौंपा जाना है। इसका सीक्रेसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

छात्रों की सुविधा के लिए आउटसोर्सिंग
विश्वविद्यालय के लोक संपर्क अधिकारी डॉ. रणवीर वर्मा ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए नई योजना शुरू की जाएगी। पेपर सैट करने का काम प्रशासन खुद करेगा, इसलिए सीक्रेसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कई सवाल हो रहे हैं खड़े
हिमाचल विश्वविद्यालय अपने परीक्षा विंग को शीघ्र ही निजी हाथों में सौंप देगा। इसके लिए अंदरूनी तौर पर प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा विंग के साथ विवि की सीक्रेसी भी एक तरह से निजी हाथों में चली जाएगी। निजी हाथों में सीक्रेसी जाने से विवि की परीक्षाओं और रिजल्ट की सीक्रेसी पर भी प्रश्न उठते नजर आ रहे हैं।

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