जिला के हजारों लोग बिजली से महरूम

कुल्लू। जिला कुल्लू की 25 फीसदी आबादी अंधेरे में रातें गुजारने को मजबूर हैं। 72 घंटे तक भारी हिमपात के चलते इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति तीन दिन से ठप पड़ी है। हिमपात से सबसे अधिक नुकसान जिला के दुर्गम इलाकों में हुआ है। कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां विद्युत आपूर्ति एक माह से बाधित चल रही है। कुल्लू जिला की करीब चार लाख आबादी है।
हिमपात के कारण बिजली की तारें टूट गई हैं तथा खंभे गिर चुके हैं। इस कारण जिला कुल्लू और लाहौल में 380 ट्रांसफार्मरों ने जवाब दे दिया है। इसमें जिला कुल्लू के 248 तथा लाहौल-स्पीति के 132 ट्रांसफार्मर शामिल है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जहां ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है, वहीं बिजली के बिना लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं।
तीन दिन से पर्यटन नगरी मनाली सहित पूरी ऊझी घाटी भी अंधेरे में डूबी है। मनाली शहर में हालांकि अब विद्युत आपूर्ति बहाल हो चुकी है। मौसम के बदले तेवरों से आनी विद्युत बोर्ड डिवीजन में 19 ट्रांसफार्मर अभी बंद पड़े हैं। इसकी पुष्टि आनी के सहायक अभियंता कन्हैया लाल ने की।
कुल्लू, बंजार और मनाली क्षेत्र में लगाए गए 229 ट्रांसफार्मरों तथा जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के 132 ट्रांसफार्मर खंभों और तारों के टूटने से बंद हो गए हैं। वीरवार को मौसम खुलने पर बोर्ड का फिल्ड स्टाफ ट्रांसफार्मरों को बहाल करने में जुटा है। विद्युत बोर्ड कुल्लू के अधीक्षण अभियंता प्रवेश ठाकुर ने कहा कि भारी बर्फबारी से बारिश से विद्युत बोर्ड को भारी नुकसान हुआ है। कहा कि मौसम खुल गया है। बोर्ड पूरी इमानदारी के साथ ठप पड़े ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने में जुटा है। अगले दो दिनों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।

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