जान जोखिम में डाल दर्रा लांघ रहे लोग

कुल्लू। दिसंबर माह से बंद पड़ा 10,281 फीट जलोड़ी दर्रा पर जाड़े के दिनों पैदल आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं है। भारी बर्फ के बीच दर्रा आर-पार करने के कारण डेढ़ दशक में आधा दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, दर्रा को आर पार करती बार किसी तरह की घटना न घटे, इसे लेकर जिला प्रशासन ने भी लोगों को अलर्ट कर रखा है। प्रशासन ने बर्फ से लदी संवेदनशील जगहों पर न जाने और किसी तरह की पैदल आवाजाही न करने की हिदायत पहले ही दे रखी है। बावजूद लोग जान जोखिम डाल कर दर्रा को आर पार कर रहे हैं। दो दिन के भीतर 120 लोगों ने दर्रा को आर पार किया है, इसमें सबसे अधिक 80 लोग जिला मुख्यालय में अपने जरूरी काम लेकर आने वाले हैं, जबकि 40 के करीब लोगों ने बर्फ से सटे 16 किलोमीटर का सफर कुल्लू, बंजार से आनी की तरफ तय किया है। अपने सरकारी काम को लेकर कुल्लू पहुंचे आनी के लगौटी स्कूल के शास्त्री अध्यापक हेम राज, आनी के डीम निवासी चमन लाल और बुच्छैर स्कूल में तैनात हिंदी के अध्यापक तेज राम ने बताया कि वे अपने सरकारी काम को लेकर कुल्लू आए हैं। उन्होंने कहा कि वे जलोड़ी दर्रा में बिछी 240 सेंटीमीटर बर्फ को लांघ कर कुल्लू पहुंचे हैं। कुल्लू कालेज में अध्ययनरत छात्र खनाग निवासी प्रेम के मुताबिक दर्रा से होकर 16 किलोमीटर बर्फ से लदे दायरे को आर-पार करना जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से बाया करसोग होकर बस भी चलाई जा रही है, लेकिन रूट लंबा और थकाऊ होने से वह दर्रा से पैदल होकर आए हैं। जलोड़ी दर्रा में तैनात रैस्क्यू दल के सदस्य विक्रम ठाकुर ने कहा कि दो दिनों से जलोड़ी दर्रा पर लोगों को आवाजाही बढ़ी है तथा 120 के करीब लोगों ने दर्रा आर पार किया है। एएसपी कुल्लू संदीप धवल ने कहा कि जलोड़ी दर्रा पर पुलिस की रैस्क्यू पोस्ट स्थापित है तथा दर्रा पर आने-वाले सभी मुसाफिरों पर यहां तैनात दल के सदस्यों को नजर रखने को कहा गया है।

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