ओपन स्कूल का रुख क्यों कर रहे बच्चे

नाहन (सिरमौर)। वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं। छात्रों की बहुत बड़ी संख्या सरकारी स्कूलाें में रेगुलर पढ़ाई की बजाय ओपन स्कूलों में पढ़ाई कर रही है। सवाल उठता है कि बच्चे सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं पढ़ पा रहे? इससे राज्य में शैक्षणिक ढांचे पर सवालिया निशान लग रहा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से ओपन कक्षाओं में बच्चों का पंजीकरण सारे रिकार्ड तोड़ रहा है। वर्ष 2011-12 में ही जिले में इस पंजीकरण की संख्या लगभग 450 से अधिक थी। सबसे अधिक वो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं जो पहले विभिन्न स्कूलों में रेगुलर शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। किंंतु बार बार अंग्रेजी, गणित, विज्ञान तथा दूसरे विषयों में फेल हो रहे थे।
मजबूरन इन विद्यार्थियों के लिए ओपन शिक्षा सेंटर ही एक मात्र विकल्प बच गया है। इस वर्ष 2012 में ही राज्य में अन्य जिलों की अपेक्षा सिरमौर में बोर्ड की ओपन कक्षाओं में रिकार्ड 450 बच्चे पढ़ाई करने पहुंचे। जबकि अन्य जिलों में यह संख्या बेहद कम है। ओपन स्कूलों में राज्य की कुल संख्या 1500 बच्चों के करीब है। उधर, इस मसले पर राज्य उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में सभी बच्चों को पढ़ाई करने का अधिकार है। ओपन स्कूल भी सरकार का ही हिस्सा हैं। यहां भी बच्चों को अपने समय के हिसाब से शिक्षा ग्रहण करने का प्रावधान है।

Related posts