आर्गो’ को ऑस्कर मिलने का ईरान ने उड़ाया मजाक

तेहरान: ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीतने वाले ‘आर्गो’ को ‘सीआईए का विज्ञापन’ बताया है तो दूसरी ओर वर्ष 1979 में हुए इस्लामी क्रांति के बाद के दिनों को निंदनीय तरीके से पेश करने वाली इस फिल्म को मिले पुरस्कार को कुछ ईरानी अमेरिका का राजनीतिक बयान बता रहे हैं। ईरान में ‘आर्गो’ को सिनेमा घरों में प्रदर्शित नहीं किया गया है लेकिन डीवीडी की मदद से इसे देखने वालों की कमी नहीं है।

‘आर्गो’ पर ईरान में हो रही चर्चा में अलग-अलग पीढिय़ों की सोच भी एक-दूसरे से जुदा है। जिन लोगों ने वर्ष 1979 में हुई इस्लामी क्रांति में भाग लिया था उनकी सोच कुछ और है जबकि इस क्रांति में सीधे तौर शामिल नहीं होने वाली नई पीढ़ी का विचार काफी अलग है। तेहरान विश्वविद्यालय की 21 वर्षीय छात्रा सैदा का कहना है, ‘मैं जानना चाहती हूं कि दूसरा पक्ष क्या कहता है?’ सैदा ने विदेशी मीडिया से बात करने के बुरे परिणामों के मद्देनजर अपना पूरा नाम नहीं बताया।

देश की अर्धसरकारी संवाद समिति ‘मेहर’ ने ऑस्कर को राजनीति से प्रभावित बताया है क्योंकि सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार देने के लिए लॉस एंजिलिस जैक निकोलसन के साथ व्हाइट हाउस से अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा वीडियो लिंक से जुड़ी थीं। ईरान की सरकारी टीवी ने इस फिल्म को ‘सीआईए का एक विज्ञापन’ बताया। ईरान के संस्कृति मंत्री मोहम्मद हुसैनी का कहना है कि हॉलीवुड ने इतिहास को बिगाड़ कर पेश किया है। ईरानी अधिकारी इसे ईरान में सांस्कृतिक प्रभुत्व कायम करने के युद्ध का एक तरीका है।

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