
नाहन (सिरमौर)। नशीली दवाओं के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश राजेश वर्मा की अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले की जानकारी जिला न्यायवादी महेश सेन ने दी। उन्होंने बताया कि आरोपी रजनीकांत उर्फ मोनू पुत्र प्रकाश चंद मकान नंबर 234/13 वाल्मीकि बस्ती नाहन जिला सिरमौर को एक अक्तूबर 2010 को पुलिस ने नशीली दवाओं की खेप के साथ नाहन-कालांअब हाइवे पर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रजनीकांत के बैग से 432 कैप्सूल और 30 बोतलें दवाओं की बरामद की थी। मौके पर आरोपी पुलिस को नशीली दवाओं से संबंधित लाइसेंस एवं परमिट नहीं दिखा पाया।
इस पर पुलिस ने मौके के साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। वीरवार को जिला सत्र न्यायाधीश राजेश वर्मा की अदालत ने प्राप्त साक्ष्यों एवं गवाहों को मद्देनजर रखते हुए रजनीकांत को दो वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
