वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम तीन दिवसीय भारत दौरे पर मंगलवार को बिहार के गया जी पहुंचे। यहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान लगाया। अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा भारत और विएतनाम के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वह भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा करेंगे।
राष्ट्रपति तो लाम का गया जी हवाईअड्डे पर स्वागत बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसके बाद उन्होंने यूनेस्को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में दर्शन किए और विएतनामी मठ का भी दौरा किया। सम्राट चौधरी ने कहा कि वियतनाम के राष्ट्रपति का यह ऐतिहासिक दौरा भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति तो लाम बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। एजेंसी
ब्रह्मोस समझौते से भारत की रक्षा निर्यात नीति को मिलेगी मजबूती
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के दौरान भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हो सकती है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की संभावित खरीद का मुद्दा भी शामिल है। बताया जा रहा है कि इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 60 अरब रुपये हो सकती है, जिसमें प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता भी शामिल होगी। भारत इससे पहले फिलीपीन को ब्रह्मोस मिसाइल बेच चुका है और इंडोनेशिया के साथ भी इस संबंध में समझौता कर चुका है। वियतनाम के साथ संभावित समझौता भारत की रक्षा निर्यात नीति को और मजबूती देगा।