
कुल्लू। बाह्य सराज की रघुपुर घाटी की फनौटी पंचायत के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण बिजली के साथ लालटेन और लैंप जलाने को विवश हैं। बिजली की कम वोल्टेज के चलते रात दस बजे के बाद ही उचित बिजली मिल पाती है।
कम वोल्टेज के चलते लोगों को काम निपटाने के लिए लालटेन और लैंप तक जलाने पड़ते हैं। ग्रामीणों की मुताबिक यह समस्या पांच-छह सालों से बढ़ी है। कनेक्शन बढ़ने के साथ ही यहां विद्युत प्रकाश घटता चला गया। अब आलम यह है कि शाम ढलते ही बल्बों की रोशनी भी कम हो जाती है। न तो बच्चे बल्ब की रोशनी में पढ़ाई कर पाते हैं न ही इस वोल्टेज में विद्युत उपकरण चल पाते हैं। ग्रामीणों ने जुहड़ या फिर ऊपली फनौटी में एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। जुहड़ निवासी पद्म राठौर, फनौटी के गोविंद सिंह, खेमराज ठाकुर, सोहन लाल और केसर चंद ने कहा कि निचली फनौटी, ऊपली फनौटी, जुहड़, दपांदा, झाकडृूपानी तथा दांदधार गांवों में बिजली मात्र नाम की है।
कम रोशनी होने से न तो स्कूली बच्चों को पढ़ाई हो पाती है और न ही घर के अन्य कामकाज। बच्चों को पढ़ाई के लिए लैंप, लालटेन और मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ता है। खेमराज ठाकुर और पद्म राठौर ने कहा कि बिजली की कम वोल्टेज से टेलीविजन और अन्य उपकरण भी नहीं चल पाते हैं।
उन्होंने कहा कि नाममात्र बिजली की रोशनी का विकल्प नया ट्रांसफार्मर है। बिजली बोर्ड आनी से इन गांवों की समस्या को दूर करने के लिए जुहड़ में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। वहीं विद्युत बोर्ड आनी के अधिशासी अभियंता एके तिवारी ने कहा कि बोर्ड ने इस साल के बजट में इस कार्य को डाल दिया है। इसी साल इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा।
