
अमेरिका के एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने इस्राइल पर हमला किया तो उसे विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही चेताया कि इससे गाजा संघर्ष विराम की दिशा में चल रही वार्ता भी पटरी से उतर जाएगी। बता दें, बीते माह के आखिरी दिन हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई थी। हानिया की मौत का जिम्मेदार लगातार इस्राइल को माना जा रहा है। हालांकि, इस्राइल ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।परिणाम काफी विनाशकारी हो सकता
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पत्रकारों से कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानियों को प्रोत्साहित करेगा और मुझे पता है कि कई लोग पहले से उस रास्ते पर नहीं जाना चाहते हैं, क्योंकि इसका परिणाम काफी विनाशकारी हो सकता है, विशेष रूप से ईरान के लिए।वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा था कि कतर में दो दिनों तक चली बातचीत से गाजा में संघर्ष विराम होने की उम्मीद कहीं अधिक पास दिख रही है।
संघर्ष विराम समझौते का अवसर पटरी से न उतर जाए: अधिकारी
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘यह ईरान का एक प्रतिनिधि हमास था, जिसने सात अक्तूबर को इस युद्ध को शुरू किया था। अब अगर ईरान कुछ ऐसा कर दे, जिससे व्यापक युद्ध विराम और बंधक रिहाई समझौते का सबसे अच्छा अवसर पटरी से उतर जाए, तो यह विडंबना होगी।’
ईरान ने इस्राइल को तेहरान में 31 जुलाई के हमले की प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। इस हमले में हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया मारा गया था।
इस्राइल की रक्षा के लिए…
इस्राइल के विदेश मंत्री काट्ज ने शुक्रवार को अपने ब्रिटिश और फ्रांसीसी समकक्षों के साथ एक संयुक्त बैठक में कहा कि अगर इस्लामी गणराज्य इस्राइल पर हमला करता है तो वह किसी भी देश के अंदर घुसकर हमला करने में समर्थ है। काट्ज की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, अमेरिकी अधिकारी ने केवल इतना कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ, हर संभव कदम के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम इस्राइल की रक्षा के लिए आवश्यक सब कुछ करने जा रहे हैं।’
सात अक्टूबर को हुए हमले का किया था नेतृत्व
सात अक्टूबर को दक्षिणी इस्राइल में हुए आतंकवादी हमले में 12 सौ लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ लोगों को बंधक बनाया गया था। हमास के जिस समूह ने इस्राइल पर हमला किया था, उसका नेतृत्व याह्या सिनवर ने ही किया था।
31 जुलाई को तेहरान में हुई थी हानिया की हत्या
बता दें कि हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई थी। इस्माइल हानिया की हत्या का आरोप इस्राइल पर लगा है। हालांकि अभी तक इस्राइल ने इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस्माइल हानिया को साल 2018 में अमेरिका ने आतंकवादी घोषित किया था।
जानिए कौन था इस्माइल हानिया
इस्माइल हानिया, हमास की राजनीतिक शाखा का प्रमुख था। साल 2006 में फलस्तीन के आम चुनावों में हमास की जीत के बाद से ही संगठन में हानिया का दबदबा बढ़ने लगा था। उसे गाजा पट्टी में फलस्तीनी प्राधिकरण का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। इस दौरान मिस्र से गाजा पट्टी में आयातित वस्तुओं पर भारी कर लगाकर हानिया ने अपनी संपत्ति कई गुना बढ़ा ली। 2014 में हमास द्वारा सभी व्यापार पर 20 प्रतिशत कर लगाए जाने की घोषणा की गई थी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन करों की वजह से हमास के 1,700 टॉप कमांडर करोड़पति बन गए। इस्राइल पर बीते साल 7 अक्तूबर को हुए हमले के पीछे भी इस्माइल हानिया की अहम भूमिका थी और यही वजह थी कि इस्माइल हानिया इस्राइली सुरक्षा बलों के निशाने पर था।
