
भल्याणी (कुल्लू)। राज्य भर के सरकारी स्कूल केंद्र से जारी सर्व शिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये का बजट खर्च नहीं कर पाए हैं। स्कूल प्रबंधनों को इस लापरवाही पर एसएसए प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कड़ी फटकार लगाई है। ऐसे में अब राज्य को मिले परियोजना के करोड़ों रुपये लैप्स हो गए हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने ऐसे स्कूलों से बैलेंस बजट को ब्याज सहित 25 मार्च तक लौटने के आदेश जारी किए हैं।
बजट लैप्स होने पर आगामी वित्त वर्ष के लिए परियोजना से जारी होने वाले बजट में भारी भरकम कटौती की जा सकती है। इसका सीधा असर प्रदेश में शिक्षा के व्यवस्थागत ढांचे पर पड़ेगा। एसएसए के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के फरमान के बाद प्रदेश के सभी जिला शिक्षा निदेशकों ने जिलों के स्कूल प्रबंधनों से इसकी रिपोर्ट तलब की है। हैरत की बात है कि कई स्कूल प्रबंधन तो साल 2012 के लिए जारी बजट को भी खर्च नहीं कर पाएं हैं। भवन निर्माण और परिसर विस्तार समेत अन्य निर्माण गतिविधियों में कम ही दिलचस्पी दिखाई गई। जिला कुल्लू में 2 करोड़, मंडी में 5 करोड़ और जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में भी लाखों रुपये लैप्स हुए हैं। कुल्लू जिला के प्रोजेक्ट अधिकारी नरेश चोपड़ा और मंडी के महेंद्र पाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
अगले बजट में होगी कटौती : अश्वनी
एसएसए के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर अश्वनी रमेश ने बताया कि परियोजना के तहत जारी बजट में से पूरे प्रदेश में अरबों रुपये लैप्स होने की उन्हें रिपोर्ट मिली है। शर्मा ने कहा कि इसके लिए मानिटेरिंग की जाएगी। बजट खर्च न करने वाले स्कूल प्रबंधन पर नकेल कसते हुए आगामी बजट में कटौती की जाएगी।
