
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। लंबे अरसे से आर्थिक तंगहाली से गुजर रही नगर परिषद नगरोटा बगवां के कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। हालात यह हैं कि कर्मचारियाें को अभी अगले और दो माह तक वेतन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। नगर परिषद में कार्यरत 34 में से सात सफाई कर्मचारियों को इकट्ठा हुए हाउस टैक्स के पैसों से जुगाड़ करके वेतन का भुगतान किया गया है। बाकी के कर्मचारी वेतन का इंतजार कर रहे हैं। इस नगर परिषद में ऐसी स्थिति पहले भी कई बार आ चुकी है। इस स्थिति के लिए नगर परिषद को मिलने वाली कम सरकारी ग्रांट तथा नगर परिषद को निजी आमदन न होने का कारण बताया जा रहा है।
नगर परिषद अध्यक्ष हिमांद्री सोनी कहते हैं कि इस नगर परिषद में कार्यरत कर्मचारियों को सालाना 80 लाख रुपये वेतन के रूप में दिए जाते हैं लेकिन सरकारी ग्रांट सालाना 50 लाख ही प्राप्त होती है। यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। नगर परिषद की अपनी आय न के बराबर है। ऐसे में न केवल वेतन बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कम सरकारी ग्रांट के कारण कर्मचारियों को मार्च में प्रदान किया जाने वाले फरवरी माह का वेतन प्रदान नहीं किया जा सका है। अगले वित्तीय वर्ष के मई माह में प्राप्त होने वाली सरकारी ग्रांट के आने तक कर्मचारियों को वेतन का इंतजार करना पड़ सकता है। वेतन के अलावा विद्युत विभाग को दो महीनों से नगर परिषद न तो चालू बिल तथा न ही लंबित बिल की किश्त की अदायगी कर पाई है। हिमांद्री सोनी का कहना है कि या तो सरकार कर्मचारियों के वेतन को स्वयं वहन करे या फिर सरकारी ग्रांट में बढ़ोतरी की जाए ताकि ऐसी विकट स्थिति से निपटा जा सकता है।
