चिलिंग प्लांट खराब परेशानी में दुग्ध उत्पादक

रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन का रोहड़ू स्थित मिल्क चिलिंग प्लांट करीब एक महीने से खराब पड़ा हुआ है। प्लांट के खराब होने से पशुपालक परेशानी में है। दूध की खरीब बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का हजारों लीटर दूध खराब हो रहा है। मिल्क फेडरेशन की ओर से अभी तक प्लांट को ठीक करने की पहल नहीं की जा रही है।
रोहड़ू मिल्क प्लांट में गांव के सैकड़ों पशुपालकों का दूध बिक्री के लिए पहुंचता है। गांव से प्लांट पर दूध पहुंचाने के लिए करीब 20 सहकारी समितियां काम कर रही है। प्लांट में गांव से हर दिन करीब दो हजार लीटर दूध पहुंचता था। महीने पहले से मिल्क फेडरेशन ने लोगों से दूध खरीद बंद की है। हिमाचल किसान सभा की रोहड़ू इकाई के संयोजक सुखदेव चौहान का कहना है कि गांव में बिजली न होने के कारण लोग दूध से घी नहीं बना पा रहे है। मिल्क फेडरेशन लोगों के साथ धोखा कर रहा है। लोगों घर पर पनीर बना कर आधे पौने दाम पर जबरन बेचना पड़ रहा है। मिल्क फेडरेशन की लापरवाही से पशुपालकों को नुकसान हो रहा है।
ब्राह्मण कल्याण सभा के पूर्व प्रेस सचिव कृष्ण देव वशिष्ट ने कहा बाजार में लोगों को मिल्क फैड का दूध एक महीने से नहीं मिल रहा है। उपभोक्ता भी सर्दियों के दिनों में दूध के परेशाना है। उन्होंने कहा मिल्क फेडरेशन पशुपालकों व उपभोक्ताओं के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि प्लांट को शीघ्र ठीक किया जाए।
मिल्क फेडरेशन के प्रबंधक आरके चौहान ने बताया कि प्लांट का कंप्रेशर खराब होने के बाद दुध की खरीद को बंद किया गया है। उन्होंने कहा हिमपात से रास्ते बंद होने के कारण प्लांट की मरम्मत नहीं हो सकी है। प्लांट को शीघ्र ठीक करने के प्रयास किया जा रहा है।

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