
जम्मू
कृषि विभाग के सौजन्य से मिलने वाली सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। यह बात कृषि विभाग के निदेशक केके शर्मा ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर फॉर ऑनलाइन सर्विस मॉड्यूल की तैयारियों पर तालाब तिल्लो में बैठक के दौरान कही। बैठक में एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण से संबंधित तौर-तरीकों पर चर्चा की गई।
यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है। शुरू में इस उद्देश्य के लिए बीज, उर्वरक और कीटनाशकों सहित तीन प्रमुख गतिविधियों को शामिल करते हुए 12 सेवाएं ऑनलाइन होंगी। इनमें निर्माता, थोक विक्रेता और खुदरा विक्रेता स्तर पर बीज, उर्वरक और कीटनाशक डीलरों का पंजीकरण के साथ-साथ लाइसेंस का नवीनीकरण सुविधा के अलावा निरीक्षण करना शामिल होगा।
निदेशक ने कहा कि इससे व्यापार करने में आसानी होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन ई-सेवाओं के लिए एसओपी को अंतिम रूप देने के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय सीमा के भीतर निरीक्षण करने और परिणाम अपलोड करने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सभी एसओपी को बीज अधिनियम, उर्वरक नियंत्रण आदेश और कीटनाशक अधिनियम के प्रावधानों के तहत तैयार किया जाना चाहिए। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन सेवाओं के मॉड्यूल को जल्द लांच करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए संबंधित व्हाट्सएप समूह के गठन किया जाए।
