टशीगंग पोलिंग बूथ में मतदान करवाना किसी जंग से कम नहीं होगा

टशीगंग पोलिंग बूथ में मतदान करवाना किसी जंग से कम नहीं होगा

केलांग (लाहौल-स्पीति)
हिमाचल प्रदेश में शीत मरुस्थल के नाम से विख्यात स्पीति घाटी में जनवरी में चुनाव करवाना प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। समुद्रतल से 4650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग में पहली बार पंचायत चुनाव के लिए मतदान होगा। इससे पहले 4443 मीटर की ऊंचाई पर स्पीति का ही हिक्किम दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र था। स्पीति घाटी की लांगचा पंचायत के अंतर्गत टशीगंग को साल 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान केंद्र बनाया गया था। बताया जा रहा है कि स्पीति में पहली बार जनवरी में चुनाव होने जा रहा है।

पिछली बार यहां नवंबर में पंचायत चुनाव हुए हैं। माइनस 25 डिग्री तापमान में बर्फ के बीच समुद्रतल से 4650 मीटर ऊंचे टशीगंग पोलिंग बूथ में मतदान करवाना किसी जंग से कम नहीं होगा। जनवरी में स्पीति घाटी के कई इलाकों में पारा माइनस 29 डिग्री तक लुढ़क जाता है। ऐसे हालात में यहां सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी की सूरत में इन पोलिंग बूथ में चुनाव करवाना तो दूर पोलिंग टीमों का बूथों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। स्पीति घाटी में पिन वैली के सगनम और कुंगरी तोद वैली के रंगरिक, लोसर, हल और खुरिग के साथ ही लांगचा पंचायत के अमूमन सभी गांव बर्फ के नीचे दब जाते हैं। इनका सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाता है। 

स्पीति की 13 पंचायतों के लिए 38 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें समुद्रतल से 4650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित टशीगंग पोलिंग बूथ दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र होगा।
– महेंद्र प्रताप सिंह, बीडीओ काजा

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