
शिमला। राजधानी में लोकल रूटों पर बसें अब टाइम टेबल के आधार पर चलेंगी। परिवहन विभाग प्राइवेट बसों का नए सिरे से टाइम टेबल तय करेगा। इसके लिए बाकायदा जरनल हाउस बुलाया जाएगा और निजी बस आपरेटरों की भी राय ली जाएगी।
करीब दस साल से बिना टाइम टेबल दौड़ रही बसों के लिए स्थायी टाइम टेबल बनाया जाएगा। टाइम टेबल के अभाव में बस आपरेटरों के बीच गला काट स्पर्धा के चलते हो रही दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। आपरेटर मनमर्जी से बसें दौड़ा रहे हैं। टाइम टेबल तय न होने के कारण निजी बसों के चालक तय सीमा से अधिक गति से बसें दौड़ा रहे हैं जिससे दुर्घटनाओं के ग्राफ में लगातार इजाफा हो रहा है। बसों के बीच सवारियां उठाने को लेकर होने वाली आपाथापी में लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बसों में हो रही ओवरलोडिंग का कारण भी स्थायी टाइम टेबल न होना ही बताया जा रहा है। शहर के अधिकतर आपरेटर स्थायी टाइम टेबल बनाने के पक्ष में हैं और इस व्यवस्था को लागू करने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कैप्टन रमन शर्मा ने बताया कि आपरेटरों की राय लेकर टाइम टेबल बनाया जाएगा और इसका सख्ती से पालन होगा।
ओवर लोडिंग से हो चुके हैं हादसे
बसों में ओवर लोडिंग के चलते राजधानी में कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को जान तक गवानी पड़ी है। सर्कुुलर रोड पर हाईकोर्ट के सामने निजी बस की चपेट में आने से एक महिला की मौत भी हुई है।
आए दिन हो रहे बस चालकों के झगड़े
स्थायी टाइम टेबल न होने के कारण आए दिन बस चालकों के झगड़े हो रहे हैं। बीते दिनों सर्कुलर रोड पर गुरुद्वारे के समीप बस स्टैंड पर बस चालकों में टाइम टेबल को लेकर झगड़ा हो गया और करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
