घाटी में बढ़ी सियासी हलचल

घाटी में बढ़ी सियासी हलचल

जम्मू
जम्मू में गुपकार गठबंधन की बैठक को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के वीरवार को जम्मू पहुंचने के बाद शुक्रवार को नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला और नेकां के उपप्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू पहुंच रहे हैं।

दोनों बड़े नेता शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में पार्टी मुख्यालय में दोपहर 2 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से रूबरू होंगे। दोनों नेता अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद एक साल से भी अधिक समय बाद जम्मू आ रहे हैं। इससे पार्टी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
डॉ. फारूक और उमर के जम्मू पहुंचने के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए उनके आवास, पार्टी मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के शुक्रवार दोपहर दो बजे पार्टी मुख्यालय में आने की सूचना है। वे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उन्हें जम्मू संभाग के मौजूदा परिदृश्य की जानकारी दी जाएगी।
एक साल से ज्यादा समय के बाद जम्मू पहुंच रहे
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद डॉ. फारूक और उमर अब्दुल्ला एक साल तक नजरबंद रखे गए। बताया जाता है कि इससे पहले डॉ. फारूक जम्मू में जुलाई 2019 को आए थे। दोनों नेताओं के नजरबंद रहने से पार्टी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा था, खासतौर पर जम्मू संभाग में कोई नई गतिविधि महीनों से नहीं की गई है।

डॉ. फारूक पदाधिकारियों के साथ पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। वह अपने बठिंडी स्थित आवास पर रुकेंगे। इसी आवास पर गुपकार गठबंधन की बैठक होना प्रस्तावित है। जिसमें महबूबा मुफ्ती सहित अन्य विपक्षी दलों ने शामिल होना है।

वहीं, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बिहार चुनाव में व्यस्त है। दिल्ली में उनसे बात करके ही किसी कार्यक्रम में शिरकत की जाएगी।

 

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