छम्यार में लहसुन की फसल सड़न रोग की चपेट में

गोहर (मंडी)। नाचन क्षेत्र की छम्यार पंचायत में लहसुन की फसल सड़न रोग की चपेट में आने से तबाह हो गई है। खेतों में लहसुन सड़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसानों को खुद तैयार किए गए बीज में सड़न रोग की बीमारी लगने से भारी झटका लगा है।
क्षेत्र के सरोगी और बदरयाड़ा गांव में लहसुन की फसल को सड़न रोग से नुकसान पहुंचने से किसान काफी चिंतित हैं। इसके अलावा, धनियुंत, केवली, बनाश्टी, डवारीखाड, पाबो, तालड़ी, लुआहीं समेत आसपास के गांवों में किसानों की फसल काफी मात्रा में सड़न रोग से प्रभावित हुई है। हर वर्ष इन गांवों में लहसुन का लाखों का व्यापार होता था। क्षेत्र के किसान गोपाल ठाकुर, मनोज कुमार, हंसराज, हंसू, खेम सिंह, तेजेंद्र पाल, दलीप सिंह और राजू ने बताया कि उनके खेतों में लहसुन सड़न रोग की चपेट में आने से तबाह हो गया है। नगदी फसलों के लिए पिछले कुछ सालों से छम्यार पंचायत में भी किसान अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैैं। मगर फसलों में बीमारी फैलने से किसानों का मनोबल गिरता नजर आ रहा है। उधर कृषि विभाग ने भी शिकायत मिलते ही बीमारी से प्रभावित गांवों के लिए विशेषज्ञों की टीमें भेज दी है। कृषि उपनिदेशक मंडी एआर शर्मा ने बीमारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अधिक बारिश होने से खेतों में पानी के ठहराव से लहसुन को बीमारी लगी है। किसान खेतों में ड्रेन तुरंत निकालें और विशेषज्ञों की दिशा निर्देशानुसार लहसुन को उचित छिड़काव करें।

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