
चंडीगढ़
5 सितंबर से इन उत्पादों पर डिस्टलरी लगाएगी सील, प्राप्तकर्ता ही खोलेगा
रास्ते में वाहन खराब होगा तो देनी होगी एक्साइज अफसर को सूचना
पंजाब में नकली शराब का उत्पादन पूरी तरह रोकने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कड़े कदम उठाने के आदेश जारी किए। उन्होंने ईथनॉल, स्पिरिट और अन्य उत्पाद जो नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होते हैं, की सूबे में सप्लाई कड़े पहरे में करने को कहा है। इसके अलावा इनकी ढुलाई करने वाले सभी वाहनों को जीपीएस प्रणाली से जोड़ने और रास्ते में कहीं नहीं रोकने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर अमल करते हुए आबकारी कमिश्नर रजत अग्रवाल ने नए दिशानिर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया कि आगामी 5 सितंबर से कोई भी वाहन इन उत्पादों की जीपीएस और छेड़छाड़ रहित सीलबंदी के बिना ढुलाई नहीं कर सकेगा। उत्पाद ले जाने वाले वाहन के जीपीएस कोऑर्डिनेट को यूनिट द्वारा सामान पहुंचाने की तारीख से कम-से-कम 15 दिन के समय के लिए संभालकर रखना अनिवार्य किया गया है। इसका मकसद डिस्टिलरियों द्वारा निर्मित की जाती एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए), ईथनॉल, स्पेशली डीनेचर्ड स्पिरिट (एसडीएस), डीनेचर्ड स्पिरिट (डीएनएस) और रैक्टीफाइड स्पिरिट (आरएस) की ढुलाई पर कड़ी नजर रखना है।
आबकारी कमिश्नर ने बताया कि टैंकरों की रवानगी के पहले इन्हें सीलबंद करना संबंधित डिस्टिलरी की जिम्मेदारी होगी और नए नियमों के तहत यह सील सिर्फ उत्पाद प्राप्तकर्ता द्वारा ही तोड़ी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक टैंकर या ट्रक की सर्टिफिकेशन (प्रमाणिकता) का रिकॉर्ड भी हर हाल में संभालकर रखना जरूरी होगा। पंजाब में सिर्फ खराबी की स्थिति को छोड़कर अन्य किसी भी हालत में इन वाहन को बीच रास्ते में रुकने की अनुमति नहीं होगी। वाहन खराबी की स्थिति में भी विनिर्माण यूनिट को 15 मिनट के भीतर यूनिट के आबकारी ऑफिसर इंचार्ज को सूचित करना अनिवार्य होगा।
वाहन बीच रास्ते में रुका तो नपेंगे ट्रांसपोर्टर और डिस्टलरी
यदि वाहन खराब होने के अलावा किसी अन्य कारणों से पंजाब के क्षेत्र में रोका जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि यह घपलेबाजी के इरादे से किया गया है। ऐसी स्थिति में डिस्टिलरी और ट्रांसपोर्टर पर साझे तौर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद प्राप्त करने वाली इकाई यह यकीनी बनाएगी कि खरीदा गया और यातायात वाले वाहन में लादा गया सारा माल उतारा गया है या नहीं। इसके साथ ही यह देखना भी इकाई की ही जिम्मेदारी होगी कि वाहन में कोई सामग्री या माल बाकी न रहे।
