
चंडीगढ़
पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को छह और विभागों की चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना 2019-23 और सालाना कार्य योजना 2019-20 को हरी झंडी दे दी। इसके साथ ही राज्य में ऐसी योजनाओं वाले विभागों की संख्या 24 हो गई है। बुधवार की कैबिनेट मीटिंग में जिन विभागों की इस योजनाओं को बेहतरीन कारगुजारी के मापदंड स्थापित करने पर मंजूरी दी गई, उनमें सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण और अल्पसंख्यक, प्रशासकीय सुधार और सार्वजनिक शिकायत, बिजली, उच्च शिक्षा और भाषाएं, राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना और वार्षिक कार्य योजना के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए कामकाज के मापदंड लक्ष्य, उद्देश्य और नतीजों पर आधारित होंगे। चार वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना में बताए गए कारगुजारी के मापदंडों के अनुसार, विभाग की नीतियां, प्रोग्राम और स्कीमों को लागू करने के लिए हर मुलाजिम जिम्मेदार होगा, जिसकी निगरानी ऑनलाइन एसडीजी व्यवस्था द्वारा की जाएगी। लक्ष्यों के आधार पर विभागों की कारगुजारी कर्मचारियों की वार्षिक कारगुजारी अप्रेजल रिपोर्टों में दर्ज की जाएगी।
15वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर पंचायती राज संस्थाओं को 1388 करोड़ का सहायता अनुदान मंजूर
पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को 15वें वित्त आयोग के दिशानिर्देशों के तहत पंचायती राज संस्थाओं को 1388 करोड़ रुपये के सहायता अनुदान के वितरण को मंजूरी दे दी। प्रवक्ता के अनुसार, कैबिनेट ने यह अनुदान पंचायती राज संस्थाओं के तीन स्तरों- जिला परिषद के लिए 10 प्रतिशत, पंचायत समिति के लिए 20 प्रतिशत और ग्राम पंचायतों के लिए 70 प्रतिशत वितरण की मंजूरी दी है। इसके अनुसार 1388 करोड़ की कुल सहायता अनुदान में से ग्राम पंचायतों को 971.6 करोड़, पंचायत समीतियों को 277.6 करोड़ और जिला परिषदों को 138.8 करोड़ वितरित किए जाएंगे। कैबिनेट ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 90:10 के अनुपात में जनसंख्या और क्षेत्र के आधार पर अंतर स्तरीय हस्तांतरण को भी मंजूरी दे दी।
जनवरी 2011 की जनगणना के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं को 90 प्रतिशत फंड उनकी आबादी के आधार और 10 प्रतिशत फंड उनके अधिकार वाले ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर दिए जाएंगे। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं के तीन स्तरों के लिए फंडों का वितरण जिला परिषद द्वारा किया जाएगा। कुल राशि संबंधित जिला परिषदों को हस्तांतरित की जाएगी और आगे पंचायत समीतियों और ग्राम पंचायतों को जिला परिषदों द्वारा वितरित की जाएगी।
एसबीएसी हाईस्कूल बजवाड़ा के मुलाजिमों को मिली राहत
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने सरकारी सहायता प्राप्त एसबीएसी हाई स्कूल बजवाड़ा के मुलाजिमों को जिला होशियारपुर में मंजूरशुदा पोस्टों के विरुद्ध शामिल करने को मंजूरी दी है। सहायता अनुदान स्कूल की जमीन रोजगार उत्पत्ति विभाग को मिलिटरी एकेडमी स्थापित करने के लिए सौंप दी गई है। इस दौरान इस स्कूल के विद्यार्थियों को पास के स्कूलों में दाखिल कर लिया गया है।
ऐसे बंटेगी अनुदान राशि
ग्राम पंचायतों को मिलेंगे 971.6 करोड़
पंचायत समितियों को 277.6 करोड़
जिला परिषदों को 138.8 करोड़
