
नई दिल्ली

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को उनके आवास पर फिर पूछताछ की। यह कार्रवाई संदेसरा बंधुओं की बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई। पटेल से 27 और 30 जून को पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा ईडी उनके बेटे फैसल और दामाद इरफान सिद्दीकी से भी पूछताछ कर चुकी है। आरोप है कि फैसल और सिद्दीकी ने संदेसरा बंधुओं की कंपनी के घोटाले की धनराशि का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया था।
ईडी की तीन सदस्यीय टीम कुछ अन्य अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पटेल के 23 मदर टेरेसा क्रीसेंट आवास पर पहुंची। मास्क और ग्लव्स पहने सदस्यों के हाथ में कुछ फाइलें भी थीं। पूछताछ की शुरुआत से पहले इन सदस्यों को अपने हाथ और जूते सैनिटाइज करते भी देखा गया। जांच एजेंसी 70 वर्षीय पटेल से करीब 17 घंटे की पूछताछ पहले कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि पिछली पूछताछ में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। शनिवार को पूछताछ के बाद पटेल ने कहा था कि वह आश्चर्यचकित हैं कि चीन, कोरोना महामारी और बेरोजगारी से लड़ने की जगह सरकार विपक्ष से लड़ रही है। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए और जिसने कुछ भी गलत नहीं किया है, उसे भयभीत नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई संकट आता है या फिर चुनाव होते हैं तो सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने लगती है।
कांग्रेस पार्टी में ताकतवर नेता माने जाते हैं
पटेल कांग्रेस अध्यक्ष और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव भी रह चुके हैं और वह गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। साथ ही पार्टी में उनकी गणना सबसे ताकतवर नेताओं में होती है।
संदेसरा समूह के कर्मचारी के बयान से पटेल आए शिकंजे में
संदेसरा समूह के कर्मचारी सुनील यादव ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि चेतन संदेसरा पटेल के दामाद इरफान को भारी मात्रा में नकदी देते थे और उनका पटेल के आवास पर आना जाना था। पटेल के बेटे फैसल अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के चेतन के पुष्पांजलि फार्म्स आते थे। आरोप यह भी है कि इरफान ने दिल्ली के वसंत विहार में एक आवासीय संपत्ति पर कब्जा कर लिया था, जिसे बाद में संदेसरा ने खरीदा।
ईडी ने तीन दिन में 128 सवाल पूछे
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल का कहना है कि तीन दिनों के दौरान ईडी ने मुझसे 128 सवाल पूछे हैं और पूछेंगे तो उत्तर दूंगा। सब सवालों में केवल आरोप था कोई भी ठोस सबूत नहीं है। यह सिर्फ पगड़ी उछालने के लिए हो रहा है। राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तहत हो रहा है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर हमारे सबसे खास गुजराती साथियों के लोग मेरे पास आए थे। जो सवाल पूछे मैंने सभी सवालों का जवाब दिया, बहुत धीरे-धीरे सवाल पूछ रहे हैं। शायद वह अपने बॉस को यह बताना चाह रहे हैं हमने अहमद पटेल से घंटों पूछताछ की है।मुझे कोई राजनीतिक बात नहीं करनी है। कानून का सम्मान करते हैं, कानून अपना काम करेगा। प्रियंका गांधी को घर खाली करने का नोटिस भेजने पर अहमद पटेल ने कहा कि भाजपा के लोग तो टाइप 8 के बंगले में रह रहे है। विरोधियों के साथ सिर्फ राजनीतिक बदले के तहत कार्रवाई हो रही है।
क्या है स्टर्लिंग बायोटेक मामला
ईडी का आरोप है कि संदेसरा भाइयों चेतन और नितिन और अन्य ने गुजरात स्थित स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के जरिए बैंकों के साथ लगभग 14,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया और देश छोड़कर भाग गए। इन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। कारोबार बढ़ाने की बात कहकर संदेसरा बंधुओं ने स्टर्लिंग बायोटेक के नाम पर 5383 करोड़ का लोन लिया था। यह लोन आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने दिया था लेकिन उन्होंने जानबूझकर इसे नहीं चुकाया। बैंकों की शिकायत पर आखिरकार सीबीआई ने अक्तूबर 2017 में फार्मा कंपनी के प्रमोटर नितिन, चेतन और दीप्ति संदेसरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। वहीं ईडी ने जांच में पाया था कि स्टर्लिंग बायोटेक ने बैंकों से कर्ज लेने के लिए अपनी प्रमुख कंपनियों की बैलेंस शीट में आंकड़ों की हेराफेरी की।
