सुखबीर बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस सरकार पर लगाया आरोप

चंडीगढ़

सुखबीर सिंह बादल, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह।

शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बुधवार की सर्वदलीय बैठक के बारे में झूठा और गुमराह करने वाला बयान जारी कर किसानों से धोखा किया है। पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिअद अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक के बारे में जो बयान जारी किया गया, वह विश्वास तोड़ने वाली कार्रवाई है।

इसमें तथ्यों को तोड़मरोड़ कर यह साबित करने की कोशिश की गई कि अकाली दल ने सरकार के प्रस्तावों का समर्थन किया है। यह बात सही नहीं है। बैठक में कांग्रेस का समर्थन आम आदमी पार्टी ने रबर स्टांप की तरह किया। उनके अलावा कुछ सियासी नेताओं ने भी सरकार से अपने करीबी संबंध जाहिर किए।
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इस मौके पर सुखबीर ने सर्वदलीय मीटिंग में अपने भाषण की वीडियो रिकार्डिंग चलाई और अपने स्टैंड को सार्वजनिक करने का प्रयास किया। सुखबीर ने बताया कि उन्होंने सीएम को एक पत्र लिखकर कांग्रेस पार्टी द्वारा उनके बयान का हवाला देकर किसानों को गुमराह करने के प्रयास की भी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि बैठक में कृषि और केंद्रीय अध्यादेशों के फायदों पर कोई चर्चा नहीं हुई। मैंने स्पष्ट कर दिया था कि अध्यादेशों में किसी भी जगह पर एमएसपी पर मंडीकरण को खत्म करने की बात नहीं है। अध्यादेशों में संघवाद के खिलाफ कुछ नहीं लिखा गया। सुखबीर ने कहा कि अकाली दल का इस मामले में कुर्बानियों का लंबा इतिहास है।

सुखबीर की सफाई
सुखबीर कहा कि मैंने सर्वदलीय बैठक में भरोसा दिलाया था कि एमएसपी पर मंडीकरण खत्म नहीं होगा। यह भी कहा कि इस मामले में हम कृषि मंत्रालय से लिखित आश्वासन लेकर देने को भी तैयार हैं ताकि जब इन अध्यादेशों पर संसद में चर्चा हो तो यह आश्वासन उस समय भी दिए जाएं।

हमने इस बात की सहमति दी थी कि अगर कोई शंका है तो हम प्रधानमंत्री के पास स्पष्टीकरण के लिए प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने के तैयार हैं। लेकिन सरकार ने इस बात को प्रेस बयान में तोड़मरोड़ कर पेश किया और यह कहा कि अकाली दल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी सियासी दलों के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली जाएगा और केंद्रीय अध्यादेश वापस लेने की मांग करेगा।

प्रस्ताव से भाग रहे हैं, क्या आपने समर्थन नहीं दिया: अमरिंदर
कृषि क्षेत्र संबंधी केंद्र सरकार के आर्डनेंस के खिलाफ बुधवार की सर्वदलीय मीटिंग में पारित प्रस्तावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल के बयान बदलने पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को सुखबीर बादल को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह स्पष्ट शब्दों में बताएं कि उनकी पार्टी सशर्त भी किसी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करती।

मुख्यमंत्री ने अकाली दल प्रधान से पूछा कि आप प्रस्ताव के विरोधी हैं या नहीं? आप प्रस्ताव के हक में पूरी तरह खड़े हैं या शर्तों के साथ? आखिरी तौर पर क्या आप इस तथ्य से सहमत हैं कि कृषि राज्य का विषय है और केंद्र को इसमें दखल नहीं देना चाहिए? अमरिंदर ने कहा कि सर्वदलीय बैठक के अंत में भी अकाली दल के प्रधान से उन्होंने यही स्पष्ट सवाल किए थे। बैठक के दौरान विचार विमर्श को लेकर अकाली दल और सुखबीर के बयान को झूठा करार देते हुए कैप्टन ने लोगों को गुमराह करने के लिए उनकी सख्त आलोचना की।

प्रस्ताव के दो मुद्दों का समर्थन किया था शिअद प्रधान ने: अमरिंदर
कैप्टन ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में पास प्रस्ताव के तीन में से दो मुद्दों का शिअद प्रधान ने स्पष्ट तौर पर समर्थन किया था। मीटिंग के बाद जारी सरकारी बयान से इस पक्ष को सही और निष्पक्ष तौर पर बताया गया था, इसलिए झूठ बोलने से तथ्य नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा ने सर्वदलीय बैठक में वोटिंग के समय प्रस्ताव का पूरा विरोध किया। कैप्टन ने यह भी याद कराया कि सुखबीर ने यहां तक कहा था कि अगर अध्यादेश संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ होगा तो हम इस पर भी आपके साथ हैं।

किसी प्रस्ताव को न नहीं कहा सुखबीर ने: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भी बढ़कर सुखबीर ने भाजपा की तरह किसी प्रस्ताव को न नहीं कहा गया। ‘भाजपा-अकाली दल आंशिक तौर पर प्रस्ताव के हक में हैं, आंशिक तौर पर विरोध में, और उनके एतराज दर्ज किए जाएंगे। यह सब रिकार्ड में दर्ज है। इस कारण अकाली मीटिंग की वीडियो के चुनिंदा हिस्से लीक कर बच नहीं सकते।

बादल परिवार ने कृषि अध्यादेशों का समर्थन कर पंजाब से की गद्दारी: सिद्धू
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि बादल परिवार ने पंजाब, खासकर किसानों के लिए हानिकारक साबित होने वाले अध्यादेशों की हिमायत कर प्रदेश और किसानों के हितों से गद्दारी की है। गुरुवार को एक बयान में सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से जारी ये अध्यादेश जहां राज्यों के अधिकारों का हनन करते हैं, वहीं इनके लागू होने से एमएसपी पर फसलों की खरीद संबंधी मौजूदा मंडीकरण व्यवस्था भी खत्म हो जाएगी।

सुखबीर बादल को यह अच्छी तरह पता है कि इन अध्यादेशों से राज्य और स्थानीय किसानों की आर्थिकता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा लेकिन वह सिर्फ एक मंत्रालय के लालच में राज्य के किसानों को पीठ दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अकाली दल की मौजूदा लीडरशिप ने राज्यों को आत्मनिर्भरता प्रदान करने के अपने पुराने एजेंडे को तिलांजलि देकर मोदी सरकार के राज्यों के अधिकारों को चोट पहुंचाने वाले फैसलों की हिमायत की है।

 

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