परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, बोर्ड ने सीलबंद कर भेजा अपना जवाब

 

सुप्रीम कोर्ट

असेसमेंट से रिजल्ट बनाने और परीक्षा की तारीख बढ़ाने पर रखा जा सकता है पक्ष
सीबीएसई की परीक्षाओं की तैयारी पूरी, कोचिंग सेंटर वाले छात्रों का असेसमेंट मुश्किल
कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए बोर्ड परीक्षा टालने पर फिलहाल सहमति बन गई है। सीबीएसई बोर्ड की ओर से सोमवार को सीलबंद रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत भेज दी गई है और आज इसपर सुनवाई होगी। सीबीएसई बोर्ड की ओर से दसवीं और 12वीं कक्षा के बचे हुए 29 विषयों  की परीक्षा की बजाय असेसमेंट से रिजल्ट तैयार करने और परीक्षा की तारीख बढ़ाने का पक्ष भी रखेगा। इसके आधार पर आगे जो अदालत का आदेश होगा,  उसी के अनुसार अगली योजना बनेगी।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय और सीबीएसई बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बैठक हुई। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते फिलहाल जुलाई में आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित करवाने पर सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में कहा है कि दसवीं कक्षा का असेसमेंट से रिजल्ट तैयार करना आसान है, लेकिन 12वीं कक्षा का नहीं। क्योंकि इसी कक्षा के आधार पर आगे आईआईटी, मेडिकल समेत उच्च शिक्षा में दाखिला होता है। असेसमेंट में कई होनहार छात्र भी फिसड्डी हो सकते हैं।
क्योंकि वे फाइनल की तैयारी में लगे रहते हैं और क्लास टेस्ट को तवज्जो नहीं देते हैं। इसके अलावा कोचिंग सेंटर में लाखों की तादाद में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी में जुटे छात्र स्कूल में दाखिला तो लेते हैं, लेकिन कक्षा और क्लास  टेस्ट नहीं देते हैं। ऐसे में इन छात्रों का असेसमेंट मुश्किल होगा?
अगस्त तक कोरोना हालात ठीक होने का इंतजार:
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों का तर्क है कि जब राज्य अपनी बोर्ड परीक्षा करवा रहे हैं तो फिर सीबीएसई बोर्ड परीक्षा भी करवायी जा सकती है। दिल्ली , मुंबई समेत अधिक संक्रमण वाले शहरों को छोड़कर अन्य जगह परीक्षा करवायी जाए । हालात ठीक होने पर बचे हुए शहरों में अगस्त में हालात ठीक होने पर भी करवाई जा सकती है।

 

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