
अमृतसर

पंजाब में बादल रहे कांग्रेस के राजनीतिक समीकरण
डॉ. वेरका को मिल सकता है कोई पोर्टफोलियो
बुलारिया भी झंडी वाली कार के इंतजार में
पंजाब के माझा में कांग्रेस के राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। अमृतसर के दो विधायकों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की है। विधायक डॉ. राजकुमार वेरका और इंदर बीर सिंह बुलारिया मुख्यमंत्री से मिले चंडीगढ़ स्थित उनकी कोठी पर पहुंचे।
दोनों विधायकों की कैप्टन के साथ मुलाकात से माझा में कांग्रेस के बदल रहे राजनीतिक समीकरणों पर एक बार फिर चर्चा छिड़ गई है। विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने निकट विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच मजबूत तालमेल बनाकर माझा में अपनी स्थिति को मजबूत करने की कवायद कर रहे हैं।
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यह मुलाकात इसी कड़ी के रूप में देखी जा रही है। राजनीतिक वनवास झेल रहे पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की चर्चा के बाद मुख्यमंत्री माझा की कांग्रेस राजनीति के समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए जुट गए हैं। क्योंकि डॉ. वेरका ही थे जिन्होंने दावा किया था कि सिद्धू के साथ उनकी बातचीत हुई है। सिद्धू कांग्रेस छोड़ कर दूसरी पार्टी में नहीं जा रहे हैं।
बुलारिया और सिद्धू में राजनीतिक मतभेद रहे हैं
चर्चा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह माझा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए डॉ. राज कुमार को कोई पोर्टफोलियो दे सकते हैं। डॉ. राज कुमार इस समय बिना पोर्टफोलियो के मंत्री हैं। गत तीन वर्षों में डॉ. राजकुमार ने कैप्टन का हर मोर्चे पर साथ दिया है। नवजोत सिद्धू और इंदरबीर सिंह बुलारिया के बीच कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं।
जब नवजोत भाजपा सांसद थे, तब बुलारिया शिअद विधायक थे। बुलारिया शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की चौकड़ी में शामिल थे। दोनों विधानसभा चुनाव से पहले अपनी-अपनी पार्टी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। चूंकि बुलारिया के पिता स्व. रमिंदर सिंह बुलारिया के कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कभी बड़े नजदीकी संबंध थे, ऐसे में इसका लाभ इंदरबीर को मिला।
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कैप्टन ने बुलारिया को अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया। हालांकि बाद में अदालती आदेश के बाद बुलारिया को यह पद छोड़ना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, बुलारिया भी चुनाव से पहले झंडी वाली कार के इंतजार में हैं, ताकि विधानसभा चुनाव में शिअद के गढ़ों में पार्टी की स्थिति मजबूत की जा सके।
बुलारिया ने बताया कि वह सीएम से अमृतसर के रुके प्रोजेक्टों को शुरू करने के बारे में मिले हैं। साथ ही कोविड-19 के बारे में भी बातचीत की है। इस बैठक में कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
