
जम्मू

आतंकी संगठन स्थानीय महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही महिलाओं को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं। बडगाम जिले की एक महिला भाजपा नेता को पाकिस्तान स्थित अल-बद्र आतंकी समूह ने चेतावनी दी है कि वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को भूल जाएं अथवा गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। अल-बद्र के झंडे के साथ ऑडियो संदेश और भाजपा नेता की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि वह ऐसी किसी भी शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगी।
1989 में कश्मीर में उग्रवाद की शुरुआत के बाद से महिलाओं को हिंसा से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण आर्थिक पिछड़ेपन का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विशेषज्ञ इसे महिला सशक्तीकरण के लिए काम करने वालों के लिए खतरनाक संकेत मान रहे हैं। ऐसी धमकियों के कारण कई लड़कियों को अपनी पढ़ाई छोड़ कर घर का काम संभालना पड़ रहा है।
जम्मू के कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक कुलदीप खुड्डा मानते हैं कि कई युवा लड़कों ने आतंक का दामन थाम लिया। माता-पिता की देखभाल करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी। राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में सबसे सफल कार्यकाल प्राप्त करने वाले खुड्डा ने कहा कि उस दौर में सभी खूंखार आतंकी संगठनों में एक समानता थी कि उनमें आधुनिक शिक्षा के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गहरी नफरत थी।
पिछले साल कश्मीर में आतंकवादियों ने कई महिलाओं को निशाना बनाया। पुलवामा में आतंकियों ने नेजेना बानो की गोली मारकर हत्या कर दी। इशरत मुनीर की भी जान ले ली। शोपियां में पिछले साल खुश्बू जान नाम की महिला की हत्या कर दी थी।
