आज से पंजाब में दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुलेंगे

चंडीगढ़

कैप्टन अमरिंदर सिंह

शराब की दुकानें सुबह 8 से रात 8 बजे तक खुलने का फैसला
8 जून से खुल सकते हैं धार्मिक स्थल, शॉपिंग माल और होटल
30 जून तक सूबे में रात 9 से सुबह 5 बजे तक धारा-144 लागू

लॉकडाउन को खोलने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का अनुसरण करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 8 जून से राज्य में धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट, शापिंग मॉल आदि खोलने के लिए गाइडलाइन बनाने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में 1 जून से नॉन-कंटेनमेंट जोन में नाई की दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, शराब व आवश्यक वस्तुओं से संबंधित सभी दुकानें खोलने के आदेश भी जारी किए।

शराब को छोड़कर ग्रामीण और शहरी इलाकों में सभी दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेंगी। शराब की दुकान का समय सुबह 8 से शाम 8 बजे तक होगा। उन्होंने स्वास्थ्य और परिवहन विभाग को भी 1 जून से 30 जून तक शुरू हो रही लॉकडाउन के नए चरण में नॉन कंटेनमेंट जोनों में स्वीकार्य गतिविधियां और आवागमन शुरू करने के उद्देश्य से व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के आदेश दिए। दूसरी ओर, कंटेनमेंट जोनों में केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति दी जाएगी और इन जोनों में सख्ती से नियमों को लागू किया जाएगा।
कंटेनमेंट जोनों के बाहर बफर जोन की पहचान करने के लिए जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, जहां कंटेनमेंट जोनों की तरह ही केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगी। राज्य में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक केंद्र के दिशा-निर्देशों की तर्ज पर कर्फ्यू के स्थान पर धारा-144 लागू रहेगी। इस दौरान पूरे राज्य में सभी तरह के गैर आवश्यक सेवाएं बंद रहेगीं। सभी जिला अथारिटी को इस संबंध में कार्यवाही का अधिकार दिया गया है। इस अवधि के दौरान केवल अत्यावश्यक गतिविधियों के लिए ही घर से बाहर निकलने की अनुमति होगी।
विवाह समारोह में 50 से अधिक लोग नहीं
लाकडाउन 5.0 के दौरान भी राज्य में सिनेमा हाल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थियेटर्स, बार, ऑडिटोरियम आदि बंद रहेंगे। सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मंनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों और ऐसे ही भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर रोक लागू रहेगी। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर सख्ती से रोक लागू होगी। सार्वजनिक स्थलों पर शराब, पान, गुटखा, धूम्रपान पर भी रोक रहेगी। हालांकि इन वस्तुओं की बिक्री पर कोई रोक नहीं होगी। विवाह समारोह में 50 से अधिक लोगों के हिस्सा लेने पर रोक लागू रहेगी। इसी तरह, अंतिम संस्कार की रस्म के मौके पर भी 20 से अधिक लोगों के जमा होने पर पाबंदी रहेगी।

ये सभी सुविधाएं भी मिलेंगी अनलॉक 1 में
– पंजाब में सभी धार्मिक और पूजा स्थल 7 जून तक बंद रहेंगे। होटल और अन्य आतिथ्य सेवाएं भी 7 जून तक बंद रहेंगी। होटलों में टेक-होम व होम डिलीवरी सेवाएं जारी रहेंगी लेकिन बैठ कर खाने की व्यवस्था पर 7 जून तक रोक जारी रहेगी।

– राज्य में सभी शापिंग मॉल भी 7 जून तक बंद रहेंगे। इस सभी सेवाओं को खोलने के बारे में राज्य सरकार एमएचए द्वारा जारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए 8 जून से अनुमति दे सकती है।

– घरेलू उड़ानें, रेल, बस और कार के जरिए अंतरराज्यीय आवागमन की अनुमति होगी। यात्रियों को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करना होगा।

– नाई की दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर और स्पा सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुलेंगे। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स दर्शकों के बिना खोलने की अनुमति दी गई है। ग्रामीण ओर शहरी दोनों क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां बिना किसी बंदिश के खोलने की अनुमति दी गई है।

दोनों क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को भी बिना किसी बंदिश से चलाने की अनुमति दी गई है। कृषि, बागवानी, पशुपालन, पशु चिकित्सीय सेवाओं को भी बिना किसी बंदिश के चलाने की अनुमति दी गई है। ई-कामर्स के तहत सभी तरह की वस्तुओं की अनुमति दी गई है। राज्य में केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और प्राइवेट कंपनियों के कार्यालयों में न्यूनतम स्टाफ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन यकीनी बनाते हुए कार्य जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

उद्योग, निर्माण कार्य, कृषि और पशुपालन बिना किसी पाबंदी के चलाने की अनुमति
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वास्थ्य और परिवहन विभाग को भी 1 जून से 30 जून तक शुरू हो रहे लॉकडाउन के नए चरण में नॉन कंटेनमेंट जोनों में स्वीकार्य गतिविधियां और आवागमन शुरू करने के उद्देश्य से व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने ग्रामीण ओर शहरी दोनों क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां बिना किसी बंदिश के खोलने की अनुमति दी।

उन्होंने निर्माण कार्यों, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पशु चिकित्सीय सेवाओं को भी बिना किसी रोक-टोक के चलाने की मंजूरी दी। पंजाब में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्राइवेट कंपनियों के कार्यालयों में न्यूनतम स्टाफ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन यकीनी बनाते हुए कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

दूसरी ओर, कंटेनमेंट जोनों में केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति दी जाएगी और इन जोनों में सख्ती से नियमों को लागू किया जाएगा। कंटेनमेंट जोनों के बाहर बफर जोन की पहचान करने के लिए जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, जहां कंटेनमेंट जोनों की तरह ही केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगी।

 

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