
नई दिल्ली

लॉकडाउन के बीच आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गर्वनर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
खास बातें:
- रेपो रेट में 75 आधार अंकों की कटौती। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के छह में से चार सदस्यों ने रेट कट के पक्ष में वोट किया।
- रेपो रेट 5.15 फीसदी से घटकर 4.45 फीसदी हो गई है। इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे।
- इसके अतिरिक्त आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती की है। अब यह 4.90 फीसदी से घटकर चार फीसदी हो गई है।
- कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। इसका असर कितना होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। लेकिन कच्चे तेल की कीमतें घटने से कुछ राहत मिलेगी।
- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 के चलते अर्थव्यवस्था को होने वाले खतरे को देखते हुए एमपीसी ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक 24 से 27 मार्च तक चली।
- दास ने कहा है कि उनका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर है और विश्व के कई देश कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। देश में लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप हैं। इसलिए आरबीआई का ध्यान लोगों को राहत देने में हैं।
- सभी कमर्शल बैंकों को ब्याज और कर्ज अदा करने में तीन माह की छूट दी जा रही है।
- आरबीआई ने सभी बैंकों का कैश रिजर्व रेश्यो भी एक फीसदी यानी 100 आधार अंक घटाकर तीन फीसदी कर दिया है। यह पूरे एक साल के लिए चार फीसदी की बजाए तीन फीसदी होगा। इसके तहत बैंक अपनी जमा का कुछ फीसदी आरबीआई के पास रखते हैं। इसमें कटौती होने से 1.37 लाख करोड़ रुपये की रकम बैंकों को मिल पाएगी।
