धारा 118 मामला: आवाज का सैंपल देने पांच में से सिर्फ दो आरोपी पहुंचे ब्यूरो ने दोबारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कीशुरू

शिमला
सांकेतिक तस्वीर
धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार मामले में पांच में से सिर्फ दो आरोपी ही आवाज का सैंपल देने पहुंचे। ब्यूरो ने दोनों के सैंपल लेने के साथ ही अन्य तीन आरोपियों को सैंपल देने के लिए दोबारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि चूंकि कोर्ट वायस सैंपल लेने की अनुमति दे चुका है। ऐसे में सभी आरोपियों को वायस सैंपल देना ही पड़ेगा। इन सभी के सैंपल मिलने के बाद ही उन्हें फोन रिकार्डिंग में दर्ज आवाजों से मिलान के लिए फोरेंसिक टीम को भेजा जाएगा। आवाज सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही ब्यूरो आगे की कार्रवाई करेगा।

माना जा रहा है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में ही प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा से बातचीत की आवाज दर्ज है। अगर आवाज का मिलान हुआ तो मित्रा की मुश्किलें बढ़ना तय है। पिछले महीने विजिलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए शिमला के विशेष जज वन की अदालत ने मामले से जुड़े पांच संदिग्ध आरोपियों के वायस सैंपल लेने की अनुमति दी थी।

बता दें, पी मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ। पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी।

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