

दिल्ली के राजघाट डिपो में नई बसों को फूलों और गुब्बारों से सजाकर सड़क पर उतारने के लिए तैयार किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि दिल्लीवासियों के लिए नई बसों की पहली खेप आ चुकी है और अब यात्री इन नई बसों में सफर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शायद पहले कोई ग्रहण लगा हुआ था कि सरकार बसें खरीदने की कोशिश करती थी तो कोई ना कोई अड़चन आ जाती थी, लेकिन अब नई बसों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि एक हजार स्टैंडर्ड फ्लोर बसों में से इन 25 बसों के बाद अगले सप्ताह करीब डेढ़ सौ बसें और आ सकती हैं और उसके बाद अन्य चरणों में करीब 4-5 महीनों में सभी एक हजार स्टैंडर्ड फ्लोर हाइड्रोलिक लिफ्ट, पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस युक्त बसें आ जाएंगी।
दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को बसों में चढने के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट, इन बसों की सबसे बड़ी खासियत है और महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर बसों में पैनिक बटन लगाए गए हैं। किसी परेशानी में महिलाएं पैनिक बटन को दबाकर बस के चालक और कंट्रोल रूप को सूचित कर सकेंगीं।
वहीं उन्होंने कहा कि इन बसों की खरीद के साथ ही एक हजार एसी लो फ्लोर बसों के आने का सिलसिला भी कुछ महीनों में शुरू होगा और इनके बाद फरवरी 2020 में एक हजार इलक्ट्रिक बसें भी आनी शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि लगभग 7-8 महीने में स्टैंडर्ड फ्लोर बसों की बाकि खेप, सभी एसी लो फ्लोर और सभी इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली वासियों के लिए सड़कों पर उतारी जाएंगी। अपना वक्तव्य समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री बोले कि अंत भला तो सब भला।
