

खास बातें
- प्याज और टमाटर जैसी सात फीसदी आवश्यक सब्जियां भारत से मंगाई जाती हैं।
- प्लास्टिक, रबड़, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए पाकिस्तान की निर्भरता भारत पर है।
- पाकिस्तान में कपड़ा और दवा उद्योग तो मजबूत है, लेकिन उसके लिए कच्चा माल भारत से जाता है।
- 1996 में भारत सरकार ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था।
ट्रेन रुकने से दोनों देशों के नागरिकों को तकलीफ जरूर हुई, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है। लेकिन व्यापारिक संबंध तोड़ने से नुकसान केवल पाकिस्तान को ही होगा। आइए जानते हैं कि दोनों देशों के बीच कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाने के बाद पाकिस्तान को कितना नुकसान होगा?
भारत और पाकिस्तान के बीच 2018-19 में केवल 2.56 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था जो दुनिया के साथ भारत के कुल कारोबार का मात्र 0.30 फीसदी है। आपको जानकर हैरत होगी कि दोनों देशों के बीच 2015-16 के बाद से कारोबार में कमी आ रही थी। भारत के विभिन्न व्यापारिक परिसंघों की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2003 से लेकर 2019 तक भारत और पाकिस्तान के बीच 31.23 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। 2018-19 में भारत ने पाकिस्तान को 2.06 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि भारत ने पाकिस्तान से सिर्फ 0.49 अरब डॉलर का सामान खरीदा। इस तरह पाकिस्तान भारत से आने वाले सामान पर ज्यादा निर्भर रहता है।
पाकिस्तान में क्या-क्या महंगा हुआ
निर्यात में भारत के रासायन और कपड़ा उद्योग पर थोड़ा प्रभाव जरूर पड़ सकता है, क्योंकि हम दुनिया को जितना कपड़ा बेचते हैं, उसका 33 फीसदी पाकिस्तान खरीदता है। वहीं रासायनिक क्षेत्र में भी 37 फीसदी उत्पाद पाकिस्तान में ही भेजे जाते हैं। लेकिन ये भारत के लिए चिंता का विषय नहीं होगा। वैश्विक बाजार में भारत की साख और घरेलू बाजार बड़ा होने से यह माल कहीं और भी खपाया जा सकता है।
हालात तनावपूर्ण
वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (IIFT) के प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी बताते हैं कि पाकिस्तान के फैसले का असर उसके कारोबार पर ही पड़ने वाला है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण है। भारत ने पड़ोसी देश पाकिस्तान से आयातित सभी सामानों पर 200 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया हुआ है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तान का आयात 92 प्रतिशत घटकर लगभग 24 लाख डॉलर रह गया थो, जो मार्च 2018 में 3.4 करोड़ डॉलर था। भारत ने पाकिस्तान से कपास, ताजे फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद और खनिज अयस्क जैसे सामानों का आयात किया।
वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च अवधि के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 5.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर था। पाकिस्तान में भारत का निर्यात भी मार्च में लगभग 32 प्रतिशत घटकर 17 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आसपास रहा था। हालांकि, 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 प्रतिशत बढ़ा।
दोनों मुल्कों के बीच हुए कारोबार की स्थिति
कच्चा माल जाता है पाक
पाक से छीना था मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा
क्या होता है एमएनएफ
डब्ल्यूटीओ कहता है, किसी को विशेष फेवर देना चाहिए (जैसे कि कस्टम ड्यूटी रेट को कम करना) और आपको ऐसा ही दूसरे डब्ल्यूटीओ सदस्यों के साथ करना होगा। एमएनएफ (फेवर्ड नेशन का दर्जा) किसी को ऐसा दर्जा है जिसमें किसी भेदभाव के उन्हें व्यापारिक सुविधाएं दी जाती हैं।
कब मिला था एमएनएफ का स्टेटस
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में और आएगी गिरावट
विश्व बैंक ने यह भी चेताया है कि वित्त वर्ष 2020 में महंगाई बढ़कर 13.5 फीसदी तक पहुंच सकती है। साल 2017-18 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 5.8 फीसदी की बढ़त हुई थी जो कि पिछले 11 साल का शीर्ष स्तर था। विश्व बैंक के अनुसार इसके बाद के दो वर्षों में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक विश्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में पाकिस्तान की जीडीपी में बढ़त महज 3.4 फीसदी रहेगी और सरकार द्वारा वित्तीय और मौद्रिक नीतियों में सख्ती बरते जाने की वजह से इसके अगले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में ग्रोथ रेट महज 2.7 फीसदी रह जाएगी।
पाकिस्तान से यह सामान आयात करता है भारत
राजनयिक संबंध में कब-कब तनाव
- दिसंबर 2001: भारतीय संसद पर हमला हुआ। हमले के एक हफ्ते बाद भारत ने पाकिस्तान से अपना उच्चायुक्त वापस बुला लिया।
- मार्च 2018: इस्लाबाद में भारतीय राजनयिक और नई दिल्ली में पाकिस्तानी राजनयिकों से कथित बदसलूकी हुई। इसके बाद दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को बुला लिया।
