
अभी मरीजों को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। इसके साथ ही हिमाचल में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू हो गई है। भविष्य में आईजीएमसी के ट्रेंड डॉक्टर ही ऑपरेशन करेंगे। दोनों मरीजों के ऑपरेशन निशुल्क किए गए हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 15 लाख का बजट जारी किया है। आईजीएमसी के सीटीवीएस विभाग के ऑपरेशन थियेटर में पहला ऑपरेशन सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। सुबह 7:56 बजे मंडी के मरीज नरेश कुमार (31) और डोनर को लेकर नेफ्रोलॉजी विभाग की टीम ऑपरेशन थियेटर पहुंची।दोपहर साढ़े बारह बजे मरीज को ओटी से बाहर लाया गया। इसके बाद जिला शिमला के चिढ़गांव की सुनीता (41) का भी ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन को भी लगभग पांच घंटे का समय लगा। लगातार दस घंटों से अधिक समय तक किडनी ट्रांसप्लांट किए गए। नरेश को उसकी मां रीता देवी और सुनीता को पिता सूरत राम ने अपनी किडनी दी।
अमर उजाला ने 3 अगस्त को किया था खुलासा
हिमाचल में पहला किडनी ट्रांसप्लांट 12 अगस्त को होगा, अमर उजाला ने 3 अगस्त के अंक में ही इसका खुलासा कर दिया था। अखबार में खबर छपने के बाद स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने भी अपने फेसबुक पेज पर इसे पोस्ट कर प्रदेश के लोगों को सुविधा शुरू होने की जानकारी दी थी।
डॉ. वीके बंसल ने किया ऑपरेशन
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर वीके बंसल, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संजय के अग्रवाल, डॉ. आदित्य बख्शी, डॉ. असुरी कृष्णा, डॉ. राजेश्वरी सुब्रह्मण्यम, रेंजु के. कृष्णन, अशोक सिंह, आईजीएमसी नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय विक्रांत, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पंपोश रैना, दलीप समेत अन्य विशेष डॉक्टर शामिल रहे।
