

शिक्षिका अंजुम कमाल पुत्री सिकंदर अहमद निवासी नगला पटवारी, क्वार्सी ने बताया कि 2005 में शहंशाहबाद निवासी परचून के थोक विक्रेता सलीम खां से निकाह हुआ था। निकाह के कुछ महीने बाद ही दहेज की मांग होने लगी। वो भी तब जब अंजुम सरकारी शिक्षिका हैं और उनको बेहतर तनख्वाह मिलती है। जिससे वह अपना और बच्चों का पूरा खर्च खुद ही उठा रही थीं। यही नहीं अंजुम ने इसी कमाई से अपना मकान भी बनवा लिया था। इसके बाद भी पति उसे तंग करता रहा। तनख्वाह में से भी पैसे ले जाता था।
2016 में शहंशाहबाद में बनवाए गए मकान को लेकर सलीम बार-बार दबाव बना रहा था कि ये मकान उसके नाम करा दिया जाए। इसको लेकर मारपीट हुई तो दो मई 2018 को परेशानहाल अंजुम ने मारपीट का मुकदमा थाना क्वार्सी में दर्ज कराया। इसके बाद सलीम ने मारपीट कर मकान में कब्जा कर लिया।
उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। अब अंजुम अपनी बड़ी बेटी शदब खान ग्यारह वर्ष इससे छोटी सना मलिक साढ़े छह वर्ष और बेटे असद मलिक चार वर्ष के साथ मायके में रह रही हैं। मायके के पास ही अंजुम ने होम लोन लेकर एक दूसरा मकान लिया है। जिसमें वह बच्चों के साथ रहती हैं। रजिस्ट्री के माध्यम सलीम का तीन तलाक पत्र बुधवार को मिला है।
एसएसपी ने मामले में आरोपी पति को पकड़ने के लिए थाना क्वार्सी पुलिस को निर्देशित किया है। एसएसपी के अनुसार सलीम और अंजुम के बीच समझौता कराने की कोशिश की जाएगी। अगर, सलीम नहीं माना तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
