
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शिक्षकों को झटका दे दिया है। बोर्ड के नए निर्देशों के मुताबिक शिक्षकों को अब नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए प्रश्नपत्र खुद तैयार करने होंगे। उधर, बोर्ड के इस निर्णय का संघ ने विरोध जताया है। शिक्षकों का कहना है कि पहले बोर्ड की ओर से ही प्रश्न पत्र भेजे जाने का प्रावधान किया गया था। निर्धारित किया था कि प्रश्न पत्र बोर्ड की ओर से ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। लेकिन, ऐन मौके पर बोर्ड ने झटका दे दिया। परीक्षाएं मार्च माह के पहले सप्ताह से शुरू हो रही हैं। ऐसे में परीक्षा के पीक समय में अध्यापकों को छात्रों की पढ़ाई की जगह अब प्रश्न पत्र तैयार करने को माथापच्ची करने पड़ेगी। वहीं, शिक्षा बोर्ड की ओर से नौवीं और जमा एक की डेटशीट जारी करने एवं समयसारिणी पर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की आपातकालीन बैठक जिलाध्यक्ष देवेंद्र चंदेल की अध्यक्षता में हुई। इसमें बोर्ड के इस निर्णय की संघ ने निंदा की है। बोर्ड की ओर से परीक्षा समय 1.45 से 5 बजे तक करने पर भी संघ ने आपत्ति जताई है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है। जब विद्यालयों में शिक्षकों को प्रश्नपत्र स्वयं ही तैयार करने हैं तो वह परीक्षा के बारे में समय का निर्णय भी ले सकते हैं। यदि प्रश्नपत्र विद्यालय के अध्यापकाें ने ही तैयार करने थे तो बोर्ड को इस बारे में पहले ही निर्णय लेना चाहिए था। संघ ने बोर्ड की ओर से जारी आदेशों को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर महासचिव कर्णपाल सिंह मनकोटिया, सुमन परमार, तेजिंद्र कुमारी, रविंद्र कुमार, मंतोष सिंह, विक्रम, विजय बहादुर, बलदेव सिंह, शाम लाल, बृजपाल, अश्विनी कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
उधर, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी अंजू पाठक ने कहा कि पूरे मामले के संदर्भ में शिक्षा निदेशालय के माध्यम से उपनिदेशकों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सभी प्रश्न नहीं, बल्कि कुछेक विषयों के प्रश्नपत्र ही तैयार करने होंगे।
