बाढ़ में फंसे हजारों लोग, ठप्प संचार सेवा राहत में बाधक

बाढ़ में फंसे हजारों लोग, ठप्प संचार सेवा राहत में बाधक

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विशेषकर ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोग अभी भी बाढ़ में फंसे हुए हैं। हालांकि, थलसेना, वायुसेना, नौसेना एवं एन.डी.आर.एफ. ने 22,000 से अधिक लोगों को बचाने का दावा किया है, लेकिन विभिन्न भवनों की छतों पर आश्रय लेने को विवश हजारों लोग सरकारी राहत से वंचित हैं।

मुसीबत में फंसे इन लोगों को निकालना तो दूर, उन तक राशन नहीं पहुंच पाया है, जिससे ये लोग बच्चों समेत भूखे-प्यासे राहत की बाट जोह रहे हैं। बाढ़ के चलते ठप्प हुई संचार व्यवस्था राहत के काम में बाधक बन गई है, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित हैल्पलाइन नंबरों से भी बाढग़्रस्त लोगों को कोई मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जन्नत के लोग जहन्नुम में पहुंच गए हैं और उनकी जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर गई है।

जेहलम नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण श्रीनगर के शहरी इलाके पानी में डूबे हुए हैं। राहत दलों द्वारा बहुत से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया  है,  लेकिन  फिर  भी  हजारों लोग अपने मकान, होटलों और अन्य भवनों की छतों पर आश्रय लेने को विवश हैं।

घाटी के स्थानीय लोगों के अलावा अनेक पर्यटक भी श्रीनगर के विभिन्न होटलों में फंसे हुए हैं। श्रीनगर के इंदिरा नगर, लाल चौक, आर्मी कैंटोनमैंट, सिविल सचिवालय, एयरपोर्ट रोड, हरि सिंह हाई स्ट्रीट और रीगल चौक में कई फुट तक पानी भरा हुआ है।

जयललिता और शिवराज चौहान ने की 5-5 करोड़ देने की घोषणा : तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर को 5-5 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की आज घोषणा की और कोई अन्य जरूरी मदद की भी पेशकश की।  जयललिता ने कहा सरकार को आने वाले दिनों में लोगों के पुनर्वास और पुनिर्माण के लिए दुष्कर कार्य करने होंगे।

वैष्णो देवी में यात्रा कुछ घंटे  खुलने के उपरांत फिर रुकी

पिछले दिनों मूसलाधार बारिश के कारण भवन मार्ग पर हुए भूस्खलन के मलबे को हटाने के बाद वैष्णो देवी यात्रा को सोमवार सुबह शुरू कर दिया गया, लेकिन दोपहर उपरांत हुई बारिश के कारण एक बार फिर से यात्रा को रोक दिया गया। वहीं कटड़ा से सांझी छत तक चलने वाली हैलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही।

आंध्र प्रदेश में बाढ़ से तबाही
हैदराबाद (वार्ता): आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश के कारण गोदावरी नदी का जल स्तर काफी बढ़ जाने से निचले इलाकों के कई गांवों में पानी भर गया है। सैंकड़ों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है और सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इस भारी बारिश की वजह से भद्राचलम और धौलेश्वर में गोदावरी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है तथा करीब 10 लाख क्यूसेक पानी समुद्र में छोड़ा गया है।

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