
जरी (कुल्लू)। मलाणा चरण-2 के एवरेस्ट प्राइवेट लिमिटेड पावर प्रोजेक्ट के डैम से ठीक ऊपर पहाड़ी पर बुधवार रात करीब तीन बजे तेज बारिश से पालेचिंग नाले में बाढ़ आ गई। तेज बारिश के कारण पालेचिंग नाले ने तबाही मचाते हुए क ई बीघा भूमि पर कटाव कर दिया। इसके अलावा बाढ़ में सैकड़ों स्लीपर बहने की भी सूचना है। जानकारी के मुताबिक मलाणा गांव के लिए निकाली जा रही सड़क के साथ लगने वाले पेड़ों के चरान का कार्य चला हुआ था। तेज बाढ़ के कारण ये सभी स्लीपर भी पानी में बह गए। तेज बारिश के कारण आई बाढ़ का पानी दो नालों में बंट गया। इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वेचिंग नाले का पानी मलाणा डैम में चला गया और पालेचिंग नाले का पानी डैम से करीब सौ मीटर दूर जाकर नदी में समा गया। लोगों का मानना है कि यदि यह पानी एक ही नाले में आता तो डैम को खतरा भी पैदा हो सकता था। 86 मेगावाट के मलाणा चरण-1 के डैम में रात्रि शिफ्ट के कर्मचारियों की मुस्तैदी के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ। इस बाढ़ में मलाणा गांववासियों की जमीन भी बह गई। इसके अलावा वेचिंग, मेजिक और थेपर बड़ा ग्राहण, बगड़ी थाच, नागरूनी, किकसा थाच, औछा ग्राहण आदि जगहों पर लोगों के आने-जाने के रास्ते टूट गए। आरओ कसोल तेजस्वी राम ने बताया कि तेज बारिश के कारण आई बाढ़ से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मलाणावासियों का रास्ता क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से गांव वालों के लिए दोबारा रास्ता बनाने के संबंध में बात की जाएगी।
