
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी सभी पातकों को हर कर सभी सुख देने वाली है। मनुष्य की सभी कामनाओं की पूर्ति करने के कारण ही इसका नाम कामिका है, इस बार यह व्रत 22 जुलाई को है। इसके प्रभाव से जीव के सभी पापों का नाश हो जाता है तथा संसार के सभी सुखों को भोगता हुआ अंत में वह प्रभु के परमधाम को प्राप्त होता है।
प्रत्येक एकादशी व्रत की भांति इस एकादशी का व्रत करने का पूर्व संकल्प करके ही व्रत किया जाता है तथा द्वादशी को सूर्य भगवान को जल चढ़ा कर तथा ब्राह्मणों को दान आदि देकर ही व्रत का पारण करना चाहिए। इस दिन प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठकर अपनी स्नानादि क्रियाओं से निवृत्त होकर भगवान का विधिवत धूप, दीप, नेवैद्य, फल, तुलसी और पुष्पादि से पूजन करें। भगवान श्रीधर का पूजन हरि, विष्णु, माधव, केशव और मधुसूदन रूप में किया जाता है।
इस व्रत में तुलसी एवं तुलसी मंजरी से भगवान का पूजन अति उत्तम है। भगवान को तुलसी अति प्रिय है। तुलसी मंजरी से पूजन से जीव के जन्म-जन्मांतरों के पाप मिट जाते हैं। तुलसी सौभाग्यदायक एवं विपत्ति विनाशक है। तुलसी कोई पौधा नहीं, भगवान के साक्षात दर्शन हैं। तुलसी का पौधा लगाना अति शुभदायक तथा प्रत्येक कर्मकाण्ड में तुलसी का होना उत्तम माना जाता है। जहां तुलसी का पौधा होता है वहां ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ ही समस्त देवों का वास रहता है।
पद्मपुराण के अनुसार तुलसी की महिमा अपार है। इनके दर्शन मात्र से जीव के सभी पाप मिट जाते हैं, स्पर्श करने से शरीर पवित्र हो जाता है, प्रणाम करने पर रोगों का निवारण होता है, जल से सींचने पर यह यमराज का भय मिटाती है, रोपित करने पर प्रभु के समीप ले जाती है। तुलसी दल से पूजन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वैसे तो प्रभु सदा ही अपने भक्त के भाव को देखते हैं, वह भक्त की धन दौलत नहीं बल्कि उसकी निष्काम भक्ति पर रीझते हैं और बिना मांगे ही उस पर अपनी कृपा न्यौछावर कर देते हैं परंतु यदि कोई मनुष्य किसी विशेष कामना से प्रभु का व्रत करता है भगवान उसकी वह इच्छा भी तुरंत पूरी कर देते हैं।
पापरूपी कीचड़ से भरे समुद्र में डूबे हुए प्राणियों को तारने के लिए यह व्रत श्रेष्ठ है। गंगा, काशी, नैमिषारण्य एवं पुष्कर तीर्थ पर किए जाने वाले स्नान एवं पूजन से मिलने वाले दुर्लभ फल की प्राप्ति इस व्रत से होती है। पृथ्वी और दूध देने वाली गाय को आभूषणों सहित सजाकर दान करने के समान इस व्रत का पुण्यफल है।
