

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली भाजपा ने सरकार बनाने का प्लान तैयार कर लिया है। इसके लिए लगातार बातचीत और बैठकों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि पार्टी इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी की राय के बाद ही कोई फैसला लेगी।
माना जा रहा है कि इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की है।
सरकार बनी तो मुखी बनेंगे सीएम?

यह बात गौर करने वाली है कि कुछ दिन पहले ही जगदीश मुखी को सीएम कैंडिडेट बनाने के लिए फेसबुक पर एक पेज बनाकर कैंपेन चलाया जा रहा था। पार्टी के अंदर इसका विरोध भी हुआ था। हालांकि अभी उन्होंने इस बात को महज एक गलतफहमी करार दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस मामले में कोई चर्चा नहीं हुई है।
हालांकि अभी बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी विधायकों की संख्या नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार बनाने के लिए बीजेपी कांग्रेस और आप के विधायकों को अपनी ओर मिलाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस किसी भी हाल में नहीं देगी समर्थन’

अगर दिल्ली विधानसभा का गणित देख जाए तो सरकार बनाने के लिए भाजपा को आप या कांग्रेस विधायकों को अपनी ओर मिलाना ही पड़ेगा। दिल्ली में 27 विधायक ‘आप’ के और भाजपा के 28 हैं। आठ विधायक कांग्रेस से हैं। इसके अलावा निर्दलीय दो, जदयू और शिरोमणि अकाली दल से एक-एक विधायक हैं।
अकाली दल भाजपा के साथ है जबकि तीन सीटें खाली हैं। इस तरह 67 सदस्यीय विधान सभा में सरकार बनाने के लिए 34 सदस्यों की जरूरत है। अगर दोनों निर्दलीय और जदयू के विधायक भाजपा के साथ चले जाएं तो भी आंकड़ा 32 से ऊपर नहीं जा रहा है।
