सोलह घंटे बंद रहा मनाली-उदयपुर मार्ग

केलांग। ब्लास्टिंग के बाद पहाड़ी धंसने से मनाली-उदयपुर मार्ग करीब 16 घंटे तक बंद रहा। इससे हरे मटर से लदे दर्जनों वाहन फंसे रहे। मटर फंस जाने से किसानों समेत व्यापारियों में अफरा-तफरा मच गई। शनिवार शाम करीब 5 बजे तांदी किश्तवाड़ सड़क को चौड़ा करने के लिए सीमा सड़क संगठन ने थिरोट के समीप नीला ढांक की पहाड़ी पर एक साथ दर्जनों ब्लास्टिंग कीं। इससे पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। उसी दौरान घाटी में किसान मटर को मंडियों के लिए रवाना करने की तैयारी में थे, लेकिन सड़क अवरुद्ध हो जाने से किसानों का लाखों का हरा मटर वाहनों में ही फंस गया। व्यापारियों का कहना है कि मटर समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाने से उनके साथ किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। व्यापारियों ने बताया कि सड़क अवरुद्ध हो जाने करीब 50 लाख का हरा मटर घाटी में ही फंस गया। किसानों का कहना है मटर सीजन में बिना किसी नोटिस के बीआरओ को ब्लास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
हालांकि, रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सड़क को बहाल कर दिया गया। इससे मटर व्यापारियों के साथ कुछ किसानों ने बीआरओ के उदयपुर स्थित कमांडिंग ऑफिसर के निवास पर दस्तक दी। उसके बाद ओसी मेजर नरवाल ने मटर फंसने की घटना पर खेद व्यक्त करते हुए तत्काल सड़क बहाल करने का आदेश दिया। किसान सुरेश, राज, अनिल, दिनेश ने बताया कि उन्होंने बीआरओ से अपील की है कि ब्लास्टिंग करने से पहले किसानों को सूचित किया जाए। उधर, बीआरओ के ओसी मेजर नरवाल ने कहा कि संगठन ने शनिवार शाम को अवरुद्ध सड़क को रविवार सुबह नौ बजे खोल दिया है।

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