

हिमाचल के शहरियों ने यदि हाउस टैक्स का बकाया अदा नहीं किया, तो उनकी प्रॉपर्टी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य के 48 शहरी निकायों में गृहकर के रूप में 20 करोड़ बकाया हैं। इसकी वसूली के लिए शहरी विकास विभाग ने हर नगर परिषद और नगर पंचायत को त्रैमासिक आधार पर 25 फीसदी एरियर वसूली का टारगेट दिया है।
नाहन, ज्चालाजी, बद्दी में जीआईएस मैपिंग

गृहकर की 100 फीसदी वसूली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब जीआईएस तकनीक अपनाई जाएगी। नगर परिषद नाहन में इस पर काम चल रहा है। अब ज्वालाजी और बद्दी नगर परिषद में भी ये प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। हर घर की जीआईएस मैपिंग होगी।
वहीं, शहरी विकास विभाग ने धर्मशाला के कचहरी अड्डा कॉफी हाउस, पार्क कैफे, मकलोडगंज पार्किंग और त्रियुंड रोपवे को पीपीपी मोड में देने का फैसला लिया है। ज्वालाजी बस अड्डे को भी पीपीपी में दिया जाएगा। हर शहर पीपीपी स्कीम तैयार करेगा।
शहरी निकायों को आदेश हुए हैं कि शहर के भीतर पार्किंग और विज्ञापन के बैनर-होर्डिंग्स को स्थान चिन्हित किए जाएं। इनके रेट सदन में तय किए जा सकते हैं। 9 अगस्त से पहले सभी शहरों में स्ट्रीट वेंडर का पंजीकरण किया जाएगा।
शहरी विकास विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया का कहना है कि हाल ही में हुई वर्कशॉप में गृहकर वसूलने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला लिया गया है।
वर्तमान में करीब 46 फीसदी वसूली हाउस टैक्स की हो रही है। अभी करीब 20 करोड़ रुपए बकाया है। इसका खर्च शहर पर ही किया जाता है।
