अस्पताल में दाखिल गर्भवती की बच्चे समेत मौत

चंबा। क्षेत्रीय अस्पताल में एक गर्भवती महिला व उसका नवजात एक बार फिर से लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का शिकार हो गए हैं। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डाक्टरों की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण गर्भवती के पेट में मरा हुआ बच्चा समय पर नहीं निकाला जा सका। इससे गर्भवती की भी मौत हो गई। हैरानी की बात है कि महिला के परिजन उसे दो बार क्षेत्रीय अस्पताल लाए थे और वीरवार को भी समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया था। अस्पताल में लाए जाने के बावजूद डाक्टर उसकी गंभीर हालत का अंदाजा ही नहीं लगा पाए और उसे मौत के मुंह में धकेल दिया गया। इससे महिला के परिजनों में अस्पताल प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। ग्राम पंचायत रजेरा के गांव मंधा निवासी नूर मांही ने बताया कि उसकी बहु हलीमा पत्नी मोहम्मद हनीफ की डिलीवरी होनी थी। करीब चार दिन पहले उसकी बहु को काफी दर्द हुआ और वह उसे जिला अस्पताल ले आए। यहां पर उसे दाखिल कर दिया और दो दिन के बाद घर भेज दिया गया। वीरवार को फिर से उसकी बहु को दर्द उठा तो वे उसे फिर से क्षेत्रीय अस्पताल ले आए। इस बार डाक्टर ने उसे अस्पताल में दाखिल तो कर दिया, लेकिन उसका ठीक ढंग से उपचार नहीं किया गया। इस बीच जब हालत बिगड़ी तो शुक्र वार को रात करीब दो बजे हलीमा को डिलीवरी रूम में ले गए। इसके बाद सुबह करीब सात बजे गर्भवती को टांडा ले जाने को कहा गया। इसके बाद यहीं पर डिलीवरी की व्यवस्था हो जाने की बात कही। फिर महिला के परिजनों से डिलीवरी का सामान मंगवाया। बाद में करीब दस बजे उन्हें बताया गया कि महिला व उसके बच्चे की मौत हो गई है। रोशनदीन, नूर हुसैन, फकीर व मोहम्मद ने बताया कि यह सब अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यहां पर कई महिलाएं प्रसव के दौरान दम तोड़ चुकी हैं। उधर, एमएस विनोद शर्मा ने बताया कि बच्चा पेट में ही मर गया था। उन्होंने बताया कि महिला को टांडा रेफर भी कर दिया गया था।

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