निगम अफसरों को खटकने लगी कैदियों की कैंटीन

शिमला

mc shimla seized the licence of prisoners canteen

आरोप बेबुनियाद हैं। जेल महकमे की मोबाइल वैन शौचालय के खाली लेंटर पर खाना परोस कर खिला रही थी। कैंटीन संचालक 4 अगस्त तक लाइसेंस बना सकता है।

– डॉ. उमेश भारती, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी

जेल महकमे की मोबाइल वैन का फूड लाइसेंस जब्त करने के मामले में नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर पिंक एंड चूज की नीति पर नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

हालांकि मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी कार्रवाई को निष्पक्ष और नियमों के तहत बता रहे हैं। लेकिन ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि केवल मोबाइल वैन का फूड लाइसेंस ही क्यों जब्त किया गया? इसके इर्द-गिर्द खाने का सामान बेचने वालों की तरफ देखा तक नहीं?

जेल महकमे की मोबाइल वैन से आम लोगों को बाजार से सस्ते दामों पर बेहतर खाना मुहैया करवाया जाता है। शुरू में आईजीएमसी गेट के बाहर मोबाइल वैन आकर रुकती और चंद मिनटों में सारा खाना बिक जाता। इस वजह से अस्पताल के भीतर चलने वाली कैंटीन संचालकों के कारोबार पर प्रभाव पड़ने लगा।

उन्होंने मोबाइल वैन को गेट के सामने से हटवा दिया। इस पर मोबाइल वैन वहां से कुछ दूर नगर निगम के खाली लेंटर पर खाना बेचने लगे। यहां भी खाने की बिक्री खूब होने लगी।

लिहाजा, आसपास के व्यवसायियों को फिर दिक्कत होने लगी। सोमवार को नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी खुद अकेले मौके पर पहुंचे और मोबाइल वैन का फूड लाइसेंस जब्त कर लौट आए।

सभी के लिए हैं नियम

आयुक्त नगर निगम अमरजीत सिंह ने कहा कि नियम सबके लिए बराबर है। अगर कहीं कोई अनियमितताएं बरत रहा है और उनके सामने शिकायत आती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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